जेट पैचर मशीन (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Jet Patcher Tender Nagpur: नागपुर में सड़कों की मरम्मत और गड्ढों को बुझाने के लिए भले ही मनपा प्रशासन ने जेट पैचर मशीन की मदद लेने तथा इसके लिए अंजनी लॉजिस्टिक प्रा. लि. कम्पनी का टेंडर स्वीकार किया हो, किंतु स्थायी समिति की पहली ही बैठक में कार्यादेश देने के लिए रखे गए प्रस्ताव पर कांग्रेस के पार्षदों द्वारा विरोध जताए जाने के बाद अंतत: इस प्रस्ताव को स्थगित कर दिया गया।
स्थायी समिति सदस्य वसीम खान, अभिजित झा, अभिषेक शंभरकर ने कहा कि इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार हुआ है। यहां तक कि जेट पैचर से गड्ढों को भरने के लिए होने वाली पैच वर्क का परिणाम संतोषजनक नहीं है। इसके बावजूद महानगर पालिका की ओर से गत कई वर्षों से इसी कम्पनी को काम दिया जा रहा है। ऐसे में इस तरह के भ्रष्टाचार को रोका जाना चाहिए। स्थायी समिति की बैठक में गहमागहमी के बीच अंतत: प्रस्ताव को रोक दिया गया।
प्रस्ताव की जानकारी देते हुए स्थायी समिति सभापति शिवाणी दानी ने कहा कि इस मसले को लेकर उठ रही विरोध की आवाज के बाद कई अधिकारी और अन्य विशेषज्ञों की ओर से राय ली गई। चूंकि यह कोल्ड मिक्स की तर्ज पर काम करती है, ऐसे में इसकी रिपोर्ट संतोषजनक नहीं मिली है। इसी तरह से स्थायी समिति के सदस्यों द्वारा भी विरोध जताया जा रहा था। अत: प्रशासन को इसमें सुधार कर अगली बैठक में प्रस्ताव रखने के निर्देश दिए गए।
स्थायी समिति में कांग्रेस सदस्य अभिजीत झा, वसीम खान, मारिस्टेला उसरे और अभिषेक शंभरकर ने स्थायी समिति की अध्यक्ष शिवानी दाणी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर इस प्रस्ताव पर गंभीर सवाल उठाए। कांग्रेस सदस्यों का आरोप है कि जिस ‘मेसर्स अंजनीकृपा लॉजिस्टिक्स’ कम्पनी को यह ठेका दिया जा रहा है। उसके संचालक नरेंद्र जिचकार की पत्नी डॉ. शिल्पा जिचकार पिछले 16 वर्षों से नागपुर मनपा के स्वास्थ्य विभाग में सेवारत हैं।
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ज्ञापन के अनुसार, महाराष्ट्र महानगर पालिका अधिनियम, 1949 की धारा 59 स्पष्ट रूप से ऐसे मामलों में हितों के टकराव के आधार पर संस्था को ठेके के लिए अपात्र घोषित करती है। सदस्यों ने याद दिलाया कि वर्ष 2011 में भी स्थायी समिति ने इसी तरह के एक मामले में ठेका देने से इनकार कर दिया था।
कांग्रेस सदस्यों ने आरोप लगाया कि संबंधित ठेकेदार पिछले 14 वर्षों से लगातार मनपा का काम कर रहा है और अब तक 60 करोड़ से अधिक के ठेके हासिल कर चुका है। सदस्यों ने आशंका जताई कि ठेकेदार और मनपा के कुछ अधिकारियों के बीच गहरी मिलीभगत है।
इसके अलावा, यह भी जानकारी दी गई कि उक्त ठेकेदार पर मनपा की जमीन पर अतिक्रमण करने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज है। कांग्रेस का कहना है कि ऐसी विवादित और कानूनी उलझनों वाली संस्था को सार्वजनिक कार्य सौंपना बेहद गंभीर मामला है।