
निकाय चुनाव (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Ninad Dixit Forward Block Candidate: आगामी महानगरपालिका चुनावों में टिकट बंटवारे को लेकर मची खींचतान के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को अपने ही गढ़ में कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
नागपुर के प्रभाग क्रमांक 22 में एक दिलचस्प मोड़ आया है जहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक ने भाजपा के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के पूर्व पीआरओ जयंत दीक्षित के बेटे निनाद दीक्षित जो स्वयं भी एक स्वयंसेवक हैं, ‘ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक’ के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
निनाद दीक्षित ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि उन्हें भाजपा से उम्मीदवारी चाहिए ही नहीं थी। उन्होंने वर्तमान भाजपा पार्षदों पर ‘निष्क्रयता’ का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रभाग-22 में पिछले पार्षदों ने बुनियादी काम भी नहीं किए हैं। बंद पड़ी मनपा की स्कूलें, जर्जर खेल के मैदान और सार्वजनिक शौचालयों की खराब स्थिति प्रमुख मुद्दे हैं।
पड़ोसी प्रभागों (17 और 18) में अत्याधुनिक खेल परिसर और स्विमिंग पूल हैं, जबकि हमारे प्रभाग के मैदानों में मिट्टी तक नहीं डाली गई। हमें राजनीति नहीं बल्कि प्रभाग का विकास करना है, इसीलिए हमने सक्रिय नागरिक समिति के माध्यम से मैदान में उतरने का फैसला किया है।
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निनाद ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि संघ और भाजपा का वैसा (राजनीतिक) संबंध नहीं है जैसा लोग समझते हैं। अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि संघ के 2 ‘शिक्षा वर्ग’ पूरे किए हैं। उन्होंने नेताजी सुभाषचंद्र बोस द्वारा स्थापित ‘फॉरवर्ड ब्लॉक’ को चुना है जिस पर संघ ने कोई आपत्ति नहीं जताई है। उनके पिता नितिन गडकरी के करीबी रहे हैं लेकिन निनाद का कहना है कि उनके इस निजी राजनीतिक निर्णय का उनके पिता या गडकरी से कोई लेना-देना नहीं है।
प्रभाग-22 में ‘नागरिक समिति’ एक बड़ी ताकत बनकर उभरी है। इस समिति के पास 26 क्षेत्रों में प्रमुख और लगभग 500 सक्रिय सदस्य है। इसी समिति के बैनर तले 2 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। निनाद का दावा है कि प्रभाग के 70,000 मतदाता उनके विकास के एजेंडे से सहमत है।






