
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nagpur Ward Analysis: चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद और चूहा बैठकों में हर घर दस्तक की रणनीति पर काम करने वाले कई प्रत्याशियों के हौसले बुलंद हैं। कई प्रभागों में करीबी मुकाबला होने की उम्मीद है तो कुछ जगह जाति की राजनीति जबरदस्त प्रभाव दिखा रही है। कुछ प्रत्याशियों को अपने कर्म और भाग्य पर भरोसा है तो कुछ जनता से मिले प्रतिसाद के बदले चमत्कार का दावा कर रहे हैं।
संयोग से प्रभाग-1 में बीजेपी के विक्की कुकरेजा का मुकाबला कांग्रेस के सुरेश जग्यासी के साथ होने जा रहा है। कुकरेजा ने हाई टेक और एग्रेसिव प्रचार शैली अपनाकर मतदाताओं से संपर्क किया। वहीं जग्यासी ने पार्षद के रूप में अपने पुराने कार्यों के आधार पर भविष्य का एजेंडा जनता के सामने रखा। यहां शिवसेना उद्धव गुट के आशीष हाड़गे का जमीनी संपर्क भी तगड़ा है। वहीं दलितों और वंचितों के वोट भी निर्णायक होंगे।
उत्तर नागपुर के प्रभाग-9 में कांग्रेस की मजबूत लहर देखने को मिल रही है। कांग्रेस ने इस प्रभाग में इतने मजबूत प्रत्याशी दिए हैं कि दूसरे दलों की सभी रणनीति विफल नजर आ रही है। विवेक रमेश निकोसे, प्रगति रोहित यादव मारिस्टेला देवा उसरे, गौतम हरिभाऊ अंबादे के रूप में मजबूत पैनल मैदान में है।
देवा उसरे की अपनी ताकत थी, उनके परिवार में टिकट देकर कांग्रेस ने अपना वोट बैंक और मजबूत किया। विवेक निकोसे जमीन से जुड़े कार्यकर्ता है। सबसे ज्यादा चर्चा रोहित यादव की पत्नी प्रगति यादव का है। प्रगति की प्रचार शैली ने सभी मतदाताओं पर सकारात्मक प्रभाव डाला।
गोरेवाड़ा, झिंगाबाई टाकली, अनंत नगर और आसपास के इलाकों वाले प्रभाग 11 में कांग्रेस प्रत्याशी शैलेष पांडे का मुकाबला बीजेपी प्रत्याशी से है। सभी समाज के वोटरों ने पांडे के प्रचार में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
उनके साथ मंजू गणेश चाचेरकर, स्नेहल ठाकरे, काईमीन रिजवान खान भी मैदान में हैं। 3 दशक से 24 घंटे जनता की सेवा के लिए शैलेष पांडे द्वारा कर्तव्य फाउंडेशन के माध्यम से चलाई जाने वाली एंबुलेंस, बुजुर्ग कार सेवा, नि:शुल्क तीर्थ यात्रा, शव वाहिका जैसे प्रकल्पों के कारण उनकी लोकप्रियता शिखर पर है।
पश्चिम नागपुर के सबसे प्रतिष्ठित प्रभाग 12 में साधना नरेश बरडे के पक्ष में लहर जैसा माहौल है। बीजेपी ने यहां पूर्व महापौर माया इवनाते, दर्शनी धवड़ और विक्रम ग्वालबंशी को मैदान में उतारा है। बरडे के पति नरेश बरडे बीते तीन दशक से सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं।
कई विधानसभा और लोकसभा चुनाव में पार्टी का चुनाव प्रबंधन संभाल चुके नरेश बरडे ने बहुत ही नियोजित तरीके से पार्टी की प्रचार की धुरा संभाली। इसका लाभ साधना के अलावा बीजेपी के सभी प्रत्याशियों को मिल रहा है।
बीजेपी ने प्रभाग 16 में लक्ष्मी यादव को टिकट देकर पार्टी की जीत आसान कर दी। वास्तव में लक्ष्मी यादव ने अपने पहले कार्यकाल में जनसेवा को प्राथमिकता देते हुए नागरिकों की कई मूलभूत समस्याओं को स्थायी रूप से हल करने का काम किया था। इसी वजह से वे प्रभाग में लाडली लक्ष्मी के रूप में सभी की पसंद हैं।
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उनके पति मुन्ना यादव के साथ-साथ करण यादव, अर्जुन यादव और रोहित यादव ने पार्टी के प्रचार को बहुत ही सुचारु तरीके से अंजाम दिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के विकासवादी एजेंडे को मजबूती से आगे बढ़ाने की उनकी योजना है।
प्रभाग 14 में बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़ रहीं प्रगति अजय पाटिल की छवि एक विनम्र समाजसेविका की है। पूरे प्रचार में जब भी वे जनता से मिलीं उनकी विनम्रता के ही चर्चा ज्यादा रही। 80 फीसदी समाज सेवा और 20 फीसदी राजनीति वाले फॉर्मूले पर काम करने वाली प्रगति पाटिल द्वारा महिलाओं के उत्थान के लिए किए जाने वाले कार्यों के कारण ही पार्टी ने संगठन में भी उन्हें महत्वपूर्ण भूमिका दी थी।
इस बार प्रचार में उन्होंने महिलाओं पर ज्यादा फोकस किया और बदले में महिला मतदाताओं ने भी यह भरोसा दिलाया कि जिस तरह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सभी का ध्यान रखते हैं उसी तरह उनके प्रभाग में जनता खुद प्रगति पाटिल का ध्यान रखने वाली है।
दिघोरी-रमना मारुति नगर प्रभाग 28 में शिवसेना के मुखिया उद्धव ठाकरे के करीबी नितिन तिवारी नगाड़ा पर चुनाव लड़ रहे हैं और उनके साथ शिवसेना की अधिकृत प्रत्याशी मंगला गवरे मशाल पर मैदान में हैं। दोनों ने एक साथ बहुत ही नियोजित तरीके से प्रचार किया।
प्रभाग की मूलभूत समस्याओं को ध्यान में रखते हुए बनाया हुआ घोषणापत्र भी जनता के सामने रखा गया है। खुद्दार बनाम गद्दार की लड़ाई होने के कारण तिवारी और गवरे का मुकाबला बीजेपी के प्रत्याशियों से होने जा रहा है।






