एमआईएम कार्यकर्ताओं का हंगामा (सौजन्य-नवभारत)
Nagpur Approval of Nominated Members: नागपुर मनपा में लंबे इंतजार के बाद स्वीकृत सदस्यों के लिए भले ही प्रक्रिया शुरू की गई किंतु दिनभर स्वीकृत सदस्यों के नामांकन को लेकर गलियारों में गहमा-गहमी जारी रही। आलम यह रहा कि मुस्लिम बहुजन आघाड़ी की ओर से पार्टी लाइन से हटकर अन्य को स्वीकृत सदस्य बनाए जाने की भनक लगते ही एमआईएम के कार्यकर्ताओं ने मनपा में हंगामा शुरू कर दिया।
जिससे सुबह 11 बजे से शुरू हुई नामांकन की प्रक्रिया तो 3 बजे तक जारी रही किंतु हंगामे के चलते मुस्लिम बहुजन आघाड़ी (एमआईएम और मुस्लिम लीग) की ओर से कोई भी नामांकन दाखिल नहीं किया जा सका। एक ओर जहां मुस्लिम लीग और एमआईएम की कार्यप्रणाली को लेकर कार्यकर्ता भीड़े रहे वहीं दूसरी ओर हमेशा की तरह कांग्रेस में भी दिन भर स्वीकृत सदस्य के नाम को लेकर सिर फुटव्वल जारी रहा।
जानकारों के अनुसार मनपा के हुए आम चुनावों में नागपुर विकास आघाड़ी के 34 सदस्य चुनकर आए जिसमें पश्चिम नागपुर (Nagpur) की तरह ही उत्तर नागपुर विधानसभा क्षेत्र में भी कई सीटों पर कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा रहा। मनपा में कांग्रेस के संख्याबल के अनुसार उन्हें 2 स्वीकृत सदस्यों के नामांकन दाखिल करने का अधिकार दिया गया। बताया जाता है कि पहले ही इन 2 सीटों के लिए एक पश्चिम नागपुर तो दूसरा उत्तर नागपुर से एक स्वीकृत सदस्य देने का निर्णय लिया गया था जिसके लिए दोनों नेताओं में सहमति भी बन गई।
बताया जाता है कि 2 दिन पहले स्वीकृत सदस्य के नामांकन को लेकर अधिसूचना जारी की गई। दोनों गुटों में समझौते के अनुसार एक-एक नाम दिया जाना चाहिए था किंतु पूर्व मंत्री नितिन राऊत खेमे को इसकी भनक तक लगने नहीं दी गई।
यहां तक कि विपक्ष नेता संजय महाकालकर द्वारा बुधवार की सुबह ही जाकर विधायक पुत्र केतन ठाकरे और कांग्रेस कार्यकर्ता अतुल कोटेचा का नामांकन दाखिल कर दिया गया। दूसरी ओर इसकी भनक लगने पर राऊत खेमे ने उनके किसी कार्यकर्ता को स्वीकृत सदस्य बनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर तो लगाया किंतु हमेशा की तरह कांग्रेस में दूसरे खेमे को झटका पड़ गया।
एमआईएम की ओर से बताया गया कि उनके नेता इम्तियाज जलील ने बहुजन मुस्लिम आघाड़ी की ओर से फहीम अंसारी के नाम की घोषणा की थी किंतु उनकी जगह आघाड़ी के नेता शकील पटेल और मुस्लिम लीग के गुट नेता असलम खान ने गैर मुस्लिम का नामांकन तैयार कर लिया। इस संदर्भ में फहीम ने आरोप लगाया कि उनके नेता के आदेश के बावजूद स्थानीय स्तर पर स्वीकृत सदस्यता बेचने का प्रयास किया गया है। इसकी शिकायत अब वरिष्ठ नेताओं को किए जाने की जानकारी भी उन्होंने दी।
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उल्लेखनीय है कि अब बुधवार को भरे गए नामांकन की छानबीन के बाद 22 को होने जा रही मनपा की आम सभा में इसे रखा जाएगा जहां पर स्वीकृत सदस्यों के नामों की घोषणा होगी। बुधवार को मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर के समक्ष सभी उम्मीदवारों ने अपने-अपने आवेदन प्रस्तुत किए। इस अवसर पर निगम सचिव डॉ. रंजना लाडे भी विशेष रूप से उपस्थित थीं।