राजस्व को चूना, नियमों की धज्जियां; रेत माफिया बेखौफ, नागपुर के मौदा में रातभर दौड़ रहे ट्रक
Nagpur Illegal Sand Mining: मौदा तहसील के रेत घाटों पर रात में अवैध रेत परिवहन के आरोप लगे हैं। एक ही रॉयल्टी पर कई ट्रकों की निकासी से राजस्व नुकसान और पर्यावरणीय चिंता बढ़ी है।
- Written By: अंकिता पटेल
अवैध रेत खनन, रेत माफिया, (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
Nagpur Sand Mafia: नागपुर मौदा तहसील के रेत घाटों पर रात के समय बड़े पैमाने पर अवैध रेत परिवहन जारी होने का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि रेत माफिया शासन के नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। माथनी, चिखना और किरणापुर घाटों पर रात 10 बजे के बाद ट्रकों की लंबी कतारें लग जाती हैं। राजस्व विभाग द्वारा जारी निर्देशों की जानबूझकर अनदेखी की जा रही है। एक ही रॉयल्टी पर कई ट्रकों में रेत भरकर निकासी की जा रही है।
दिन में कानूनी गतिविधियां दिखाकर रात में अवैध परिवहन किए जाने से शासन को बड़े पैमाने पर राजस्व नुकसान हो रहा है। साथ ही पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन होने से नदी के किनारों की स्थिति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस पूरे मामले में राजस्व और पुलिस विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कार्रवाई नहीं होने से माफियाओं को खुली छूट मिलने का आरोप नागरिकों ने लगाया है। लोगों ने तत्काल सख्त कार्रवाई कर इस अवैध धंधे पर रोक लगाने की मांग की है।
घाटों की स्थिति
मौदा तहसील के माथनी, चिखना और किरणापुर, सावनेर तहसील के बावनगांव, वाकोडी, गोतेवाड़ी, करजघाट तथा पारशिवनी तहसील में पेंच नदी पर स्थित पालोरा-1, पालोरा-2, काला फाटा (मॉयल के लिए आरक्षित), पिपला घाट, गरंडा, वाघोडा और घाटरोना घाटों पर गतिविधियां जारी हैं। वहीं कन्हान नदी पर दहेगांव जोशी, पारडी-1, पारडी-2, इटगांव, तामसवाड़ी (वेकोलि के लिए आरक्षित), साहोली-अ, साहोली-ब, डोर्ली, पिपरी, बोरी सिंगोरी और सिंगारदीप घाटों पर दिन में नियमों का पालन दिखाया जाता है लेकिन रात में ट्रकों के जरिए बड़े पैमाने पर रेत परिवहन किए
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जाने का आरोप है। प्रशासन से मिलीभगत की आशंका
राजस्व विभाग द्वारा समय-समय पर निर्देश दिए जाने के बावजूद उनका पालन नहीं हो रहा है। पुलिस और राजस्व विभाग द्वारा इस मामले की अनदेखी किए जाने से मिलीभगत की आशंका व्यक्त की जा रही है। नागरिकों ने संयुक्त कार्रवाई की मांग की है।
सावनेर के घाटों पर पहुंचे अधिकारी
‘नवराष्ट्र-नवभारत’ में समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन में हलचल मच गई। इसके बाद अधिकारियों ने संबंधित घाटों का निरीक्षण किया और अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी।
वायरल ऑडियो क्लिप पर जिलाधिकारी ने मांगी रिपोर्ट
नरखेड़ तहसील के थडीपवनी के पटवारी गौरव तल्हार से जुड़ी कथित रिश्वतखोरी की एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। तहसीलदार उमेश खोडके ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित पटवारी से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच की जिम्मेदारी नायब तहसीलदार को सौंपी गई है तथा रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 12 मई को थडीपवनी क्षेत्र में वर्धा नदी से रेत ले जा रहे 2 ट्रैक्टरों को राजस्व विभाग ने पकड़ा था।
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जांच में उनके पास वैध रॉयल्टी दस्तावेज नहीं मिले थे। वायरल ऑडियो में कार्रवाई से बचाने के लिए 20,000 रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है। चर्चा के अनुसार, बातवीत में 5,000 रुपये तत्काल और शेष 15,000 रुपये बाद में देने की बात हुई थी। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि पकड़े गए 2 ट्रैक्टरों में से एक को केवल 5,000 रुपये लेकर छोड़ दिया गया, जबकि दूसरे ट्रैक्टर मालिक में इसे लेकर नाराजगी थी।
जांच के लिए ऑडियो साइबर सेल को भेजा गया
वायरल ऑडियो क्लिप की जांच के आदेश नायब तहसीलदार को दिए गए है। संबंधित पटवारी से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। ऑडियो क्लिप की सत्यता जांचने के लिए उसे साइबर सेल को भेजा गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पूरा मामला जिलाधिकारी को सौपा जाएगा।
-उमेश खोडके, तहसीलदार, नरखेड़
