नागपुर मर्डर केस में दो आरोपियों को उम्रकैद, कोर्ट का बड़ा फैसला; रंजिश के चलते की थी हत्या
Nagpur Murder Case: नागपुर में रंजिश के चलते युवक की हत्या मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला। दो आरोपियों को आजीवन कारावास, एक आरोपी सबूतों के अभाव में बरी, दो नाबालिगों का केस अलग चल रहा है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर हत्या मामला( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nagpur Life Imprisonment Verdict: नागपुर जिले में रंजिश के चलते परिसर में ही रहने वाले युवक की हत्या के मामले में अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश शिल्पा एम। बैस ने 2 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
इस मामले में एक आरोपी को बरी कर दिया गया, जबकि 2 नाबालिगों के खिलाफ बाल न्यायालय में केस चलाया गया। दोषी करार दिए गए आरोपियों में भीमनगर, इसासनी निवासी राज अनिल पाटिल (21) और राय टाउन, आईसी चौक निवासी रानू उर्फ गंगा महेश्वरी पांडा (19) का समावेश है।
सबूतों के अभाव में बरी किया गया आरोपी अर्जुन हरिकृष्ण कहार (26) बताया गया। इनके अलावा 2 नाबालिगों पर भीमनगर निवासी बादल भाउराव निंबातें (24) की हत्या का आरोप था। बादल लेबर कांट्रैक्टर था और एमआईडीसी की कंपनियों में लेबर सप्लाई करता था।
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जान से मारने की दी थी धमकी
परिसर में रहने वाले राज पाटिल से उसकी अच्छी दोस्ती थी। बादल ने राज की पत्नी की सहेली को परेशान करना शुरू कर दिया। कई बार समझाने के बावजूद वह युवती से छेड़खानी कर रहा था। इस बात को लेकर बादल और राज में विवाद हुआ।
दोनों ने एक-दूसरे को मारन मारने की धमकी दी। बादल ने अपने जन्मदिन की पार्टी में डीजे लगाया। राज ने इसकी शिकायत पुलिस से की और उस पर कार्रवाई हुई। तब से दोनों के बीच विवाद और बढ़ गया।
8 जून 2024 की रात 10 बजे राज ने बादल को फोन कर समझौता करने के लिए मिलने बुलाया, परिसर की आंगनवाड़ी के समीप राज, रानू, अर्जुन और 2 नाबालिगों ने उसे घेर लिया। धारदार हथियार और लोहे की रॉड से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
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बादल के पिता भाउराव की शिकायत पर हत्या सहित विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। तत्कालीन सब इंस्पेक्टर पंकज सयाम ने प्रकरण की जांच कर न्यायालय में आरोपपत्र दायर किया।
सरकारी वकील मदन सेनाड आरोप सिद्ध करने में सफल हुए। न्यायालय ने राज और रानू को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। बतौर पैरवी अधिकारी हेड कांस्टेबल नितिन सिरसाट ने अभियोजन पक्ष का सहयोग किया।
