सुनेत्रा पवार और राजेंद्र जैन (फोटो क्रेडिट-X) 
मुंबई

न भुजबल, न नवनीत राणा; NCP ने राजेंद्र जैन को बनाया सुनेत्रा पवार वाली सीट से राज्यसभा उम्मीदवार

Rajendra Jain NCP Rajya Sabha Candidate Maharashtra: महाराष्ट्र राज्यसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर, छगन भुजबल और नवनीत राणा को पीछे छोड़ राजेंद्र जैन बने NCP उम्मीदवार।

अनिल सिंह

Rajendra Jain Rajya Sabha NCP Candidate: महाराष्ट्र की राजनीति में राज्यसभा की इस इकलौती खाली सीट को लेकर पिछले कुछ दिनों से महायुति के भीतर भारी जोर-आजमाइश देखने को मिल रही थी। एनसीपी के सबसे सीनियर नेताओं में शुमार और कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल के केंद्र में जाने की चर्चाएं जोरों पर थीं, तो वहीं दूसरी तरफ भाजपा नेत्री नवनीत राणा के नाम की एंट्री ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया था। लेकिन विदर्भ क्षेत्र में पार्टी संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों के समीकरणों को देखते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने अपने पुराने वफादार और अनुभवी चेहरे राजेंद्र जैन पर दांव खेलने का निर्णय लिया।

रविवार की रात मुंबई के देवगिरी निवास पर सुनेत्रा पवार की अध्यक्षता में हुई आपात बैठक में सभी बड़े नेताओं की मौजूदगी में गहन विचार-विमर्श के बाद यह रणनीतिक फैसला लिया गया।

देवगिरी की बैठक में सर्वसम्मति और भुजबल का सम्मान

एनसीपी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने राजेंद्र जैन के नाम का आधिकारिक एलान करते हुए कहा कि सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई इस सीट के लिए विभिन्न नामों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने छगन भुजबल की दावेदारी पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा, "भुजबल साहब हमारे सबसे सीनियर नेता हैं, जिन्होंने 1999 में पार्टी के गठन के समय इसके पहले प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कमान संभाली थी। उनके नाम पर भी गंभीरता से विचार हुआ, और पूरी पार्टी सर्वसम्मति से यह तय करती है कि उनके कद और वरिष्ठता का भविष्य में उचित सम्मान किया जाएगा।" तटकरे ने यह भी जोड़ा कि घोषणा के समय भुजबल का साथ खड़े होना यह दिखाता है कि पार्टी के भीतर कोई मतभेद नहीं है और पूरी एनसीपी एकजुट है।

प्रफुल्ल पटेल के करीबी और विदर्भ के मजबूत स्तंभ हैं जैन

राज्यसभा के लिए चुने गए राजेंद्र जैन को राजनीति का एक लंबा और जमीनी अनुभव है। वे एनसीपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के बेहद करीबी और भरोसेमंद माने जाते हैं। जैन ने भंडारा स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्र से महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) में लगातार 12 वर्षों तक पार्टी का प्रतिनिधित्व किया है। इसके अलावा, उन्होंने राज्य की विभिन्न प्रमुख सहकारी और वित्तीय संस्थाओं में भी लंबे समय तक कई महत्वपूर्ण और नीतिगत जिम्मेदारियां सफलतापूर्वक निभाई हैं। विदर्भ जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में राजेंद्र जैन की पकड़ को देखते हुए पार्टी ने उन्हें दिल्ली भेजने का फैसला किया है।

जुलाई 2028 तक रहेगा कार्यकाल, आज दाखिल होगा नामांकन

इस राज्यसभा सीट का शेष कार्यकाल जुलाई 2028 तक का है, जिससे महायुति को ऊपरी सदन में अपनी स्थिति मजबूत रखने में मदद मिलेगी। सुनील तटकरे के अनुसार, राजेंद्र जैन सोमवार को महायुति के अधिकृत प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल करने जा रहे हैं। इस फैसले से जहां विदर्भ के राकांपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है, वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भुजबल को राज्य में ही रोककर और जैन को केंद्र में भेजकर सुनात्रा पवार ने पार्टी के भीतर क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को साधने का एक बेहद नपा-तुला कदम उठाया है।

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