

CEO Vinayak Mahamuni: नागपुर जिला परिषद की चर्चा अब राज्य ही नहीं बल्कि केन्द्र स्तर पर हो रही है। सीईओ विनायक महामुनि द्वारा शुरू की जा रहीं योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल रही है। अपने डेढ़ वर्षों के कार्यकाल में ही उन्होंने जिला परिषद को ‘लोकल टू ग्लोबल’ बनाने की पहल की और उनकी 5 योजनाओं को सरकार से विशेष मान्यता मिली।
स्मार्ट विजन और हाईटेक तकनीक के समन्वय से योजनाओं को लागू करने वाले अधिकारी के रूप में उनकी पहचान बनी है। पिछले एक वर्ष में ही उन्होंने नई योजनाओं को लागू करने में अब तक के सीईओ के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
एआई आधारित आंगनवाड़ी पहल की नीति आयोग ने सराहना की और उसकी टीम ने वड़धामना आंगनवाड़ी का दौरा भी किया। ग्रामीण छात्रों के लिए एआई प्रशिक्षण और कोडिंग पाठ्यक्रम हेतु ‘ज्ञानरथ’ संकल्पना की स्वयं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशंसा की। इसके अलावा, चैटबॉट और डैशबोर्ड जैसी पहल प्रशासनिक कार्यों की गति बढ़ाने में उपयोगी साबित हुई हैं।
‘सरस महालक्ष्मी’ प्रदर्शनी के सफल आयोजन की भी मुख्यमंत्री और ग्राम विकास विभाग ने सराहना की। उनके कार्यों को देखते हुए उन्हें मुंबई के वाशी स्थित नियोजन से जुड़ी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। एआई और रोबोटिक लैब तथा मंत्रालय की तर्ज पर एकीकृत ई-डाक सेवा जैसी पहल भी शासन स्तर पर चर्चा में है।
बता दें कि पूर्व सीईओ योगेश कुंभेजकर द्वारा दिव्यांगों के कल्याण के लिए शुरू की गई ‘राजमाता योजना’ और ‘दिव्यांग घरकुल योजना’ को सरकार ने स्वीकार किया था। उनके कार्यकाल में दिव्यांगों को पहले चरण में 78 घर भी उपलब्ध कराए गए थे और राज्य स्तर पर यह योजना चलाई जा रही है।
इसके बाद पूर्व सीईओ सौम्या शर्मा ने विभिन्न विभागों में लंबित न्यायिक मामलों को निपटाने के लिए विधिक सलाहकारों और विशेषज्ञों की मदद लेकर अधिकांश मामलों का समाधान किया और प्रशासन में अनुशासन लाया। इस पहल की भी शासन स्तर पर चर्चा हुई।