Nagpur Politics: गुटबाजी से नाराज UBT इंस्पेक्टर, 150 एबी फार्म वापस ले गए मुंबई
Nagpur Municipal Election: नागपुर मनपा चुनाव में उद्धव सेना के निरीक्षक एबी फार्म लेकर लौटे। गुटबाजी और सीट बंटवारे के विवाद से पार्टी में हलचल बढ़ी।
- Written By: प्रिया जैस
नागपुर मनपा चुनाव (सौजन्य-सोशल मीडिया)
AB Form Controversy: नागपुर में कांग्रेस के साथ सीटों को बंटवारे को लेकर पेंच बना रहने की स्थिति में शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट सभी सीटों पर अपने स्वतंत्र उम्मीदवार उतारने की तैयारी में था। जानकारी के अनुसार इसी रणनीति के तहत पार्टी के निरीक्षक विजय कदम 150 उम्मीदवारों के लिए ‘एबी’ फार्म लेकर नागपुर आए थे।
लेकिन स्थानीय महानगर प्रमुखों के बीच विवाद की स्थिति से नाराज होकर वे सारे एबी फार्म लेकर मुंबई लौट गए। भीतरखाने की मानें तो कदम व पार्टी के एक महानगर प्रमुख के बीच एबी फार्म को लेकर तीखी नोकझोंक भी हुई।
लेकिन निरीक्षक ने स्पष्ट कहा कि दोनों गुट आपसी समन्वय के साथ इच्छुक उम्मीदवारों के इंटरव्यू लेकर सूची तैयार करें तो वे फिर एबी फार्म का वितरण करेंगे। जानकारी मिली है कि उसके बाद दोनों गुट ने सूची तैयार की और अब दोबारा एबी फार्म रविवार को नागपुर पहुंचेंगे।
सम्बंधित ख़बरें
प्राइवेट NEET कोचिंग सेंटरों पर चलेगा सरकार का हथौड़ा! राजस्व मंत्री विखे पाटिल ने की पाबंदी की मांग
Kalyan: रेलवे यार्ड में 14 साल की लड़की से दरिंदगी, रेप की घटना से फिर दहल उठा महाराष्ट्र
छत्रपति संभाजीनगर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल; आम आदमी का बजट बिगड़ा, ऑटो एलपीजी हुई सस्ती
पुणे कृषि महाविद्यालय में ‘अजित दादा पवार देशी गाय केंद्र’ का नामकरण, महिला किसानों के रोजगार पर जोर
अलग-अलग लिया इंटरव्यू
नागपुर में 3-3 विधानसभा क्षेत्र के लिए 2 महानगर प्रमुख बनाये गए हैं। दोनों ने अपने-अपने क्षेत्र में इच्छुक उम्मीदवारों के अलग-अलग इंटरव्यू लिये थे। उधर, पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन के निर्णय का इंतजार कर रही थी। यह भी निर्णय लिया गया कि अगर कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं होता है तो सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे जाएंगे। इसीलिए 150 एबी फार्म भेजे गए थे।
तीन विधानसभा क्षेत्रों के हिसाब से प्रत्येक 75 एबी फार्म दोनों महानगर प्रमुखों को सौंपे जाने थे। मुंबई में ठाकरे बंधु के साथ आने के बाद कांग्रेस ने गठबंधन से इंकार कर दिया। मुंबई में बात बिगड़ने के बाद कांग्रेस ने अन्य स्थानों पर भी स्थिति परखकर फैसला लेने का निर्णय किया। उसी के अनुसार, नागपुर में ठाकरे सेना की ताकत को देखते हुए सीटें देने का विचार किया गया।
150 एबी फॉर्म नागपुर भेजे गए थे
वहीं ठाकरे सेना को भी यह पता था कि नागपुर में पार्टी की बहुत मजबूत पकड़ नहीं है, इसलिए आखिरी समय में अपने दम पर चुनाव लड़ना पड़ सकता है। यह मानते हुए पार्टी ने निरीक्षक विजय कदम के साथ 150 एबी फॉर्म नागपुर भेजे गए थे। कदम ने दोनों गुटों को साथ लाकर एक समन्वय समिति बनाई और संयुक्त रूप से फिर से साक्षात्कार लिए गए। साथ ही कांग्रेस को गठबंधन का प्रस्ताव भी दिया गया, लेकिन कांग्रेस ने निर्णय को टाल दिया।
यह भी पढ़ें – नागपुर मनपा चुनाव: कांग्रेस के उम्मीदवार हो गए फाइनल, यूबीटी और एनसीपी-एसपी के हिस्से 18-18 सीटें!
मानमोडे और कुमेरिया को जिम्मेदारी
इसी दौरान साथ लाए गए 75-75 एबी फॉर्म महानगर प्रमुख प्रमोद मानमोडे और जिला प्रमुख किशोर कुमेरिया को देने का निर्णय लिया गया था। हालांकि विवाद के चलते कदम सभी एबी फॉर्म अपने साथ ले गए। जानकारी मिली है कि अब रविवार को ये सभी एबी फॉर्म फिर नागपुर लाए जाएंगे।
मानमोडे को जिन दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी है, उनके लिए 75 एबी फॉर्म दिए जाएंगे, जबकि कुमेरिया को मध्य, पूर्व और उत्तर नागपुर विधानसभा क्षेत्रों के लिए 75 एबी फॉर्म सौंपे जाएंगे। यदि कांग्रेस के साथ सम्मानजनक सीटों पर समझौता होता है, तो उतनी ही सीटों के एबी फॉर्म उम्मीदवारों को वितरित किए जाएंगे।
