नागपुर मनपा (फाइल फोटो)
NMC Special Meeting 24 Feb: नागपुर मनपा में 4 वर्षों तक प्रशासक राज के बाद भले ही आम चुनावों के परिणाम 16 जनवरी को घोषित किए गए हों लेकिन एक माह बीत जाने के बावजूद वित्तीय मामलों के फैसले लेने वाली स्थायी समिति पर मुहर नहीं लग पाई है। 102 पार्षदों के भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज करने वाली भाजपा को स्थायी समिति में बतौर सदस्य भेजने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
कुछ महत्वपूर्ण पदों पर पहले ही फैसला होने के कारण अब स्थायी समिति में सदस्य के तौर पर जाने के लिए वरिष्ठ पार्षदों द्वारा इनकार किया जा रहा है। यही कारण है कि अब तक नामों पर मुहर नहीं लग पाई।
बहरहाल अब 24 फरवरी को मनपा की विशेष सभा बुलाकर स्थायी समिति के सदस्यों की नियुक्ति करने का मानस सत्तापक्ष की ओर से जताया गया है। हालांकि आधिकारिक रूप से विशेष सभा को लेकर कोई एजेंडा तो जारी नहीं हो पाया है किंतु विशेष सभा होना लगभग तय माना जा रहा है।
जानकारों की मानें तो मनपा में आम चुनाव और महापौर के पदग्रहण तक प्रशासक राज जारी रहा है किंतु महापौर के पदग्रहण के बाद से प्रशासक राज भी खत्म हो गया है जिसके चलते अब कोई भी नीतिगत फैसला मनपा की सभा में ही लिया जा सकता है। इसी तरह से वित्तीय मामलों पर पहले स्थायी समिति की ओर से फैसला लिया जाएगा किंतु अब तक स्थायी समिति तय नहीं होने से अब वित्तीय मामलों से संबंधित सभी फाइलें अटकी पड़ी हैं।
जानकारों की मानें तो हाल ही में प्रशासन की ओर से इस संदर्भ में महापौर और सत्तापक्ष नेता को समस्या से अवगत कराया गया है जिसके चलते अब 24 को फिर एक विशेष सभा लेकर स्थायी समिति के सदस्यों के नाम पर मुहर लगाने का निर्णय लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि मनपा की विशेष सभा में भाजपा के अधिकार में आने वाले सदस्य संख्या के अनुसार केवल नामों की सूची महापौर को सौंपी जाएगी। इसी तरह से कांग्रेस और एमआईएम के गुट की ओर से भी नाम दिए जाएंगे।
विशेष सभा में केवल स्थायी समिति के 16 सदस्यों के नामों की घोषणा होगी जिसके बाद मनपा मुख्यालय में स्थित स्थायी समिति सभागृह में स्थायी समिति सभापति के चयन के लिए पहली बैठक ली जाएगी। जहां सभापति के नाम पर मुहर लगेगी। इसके बाद ही मनपा के वित्तीय मामलों की फाइलों को मंजूरी मिलना शुरू होगा।
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