800 साल पुराना हेमाडपंथी शिव मंदिर बदहाली में, प्रशासन की अनदेखी से भड़के श्रद्धालु
Thanegaon Shiva Temple Gadchiroli: गड़चिरोली में आरमोरी के ठाणेगांव स्थित प्राचीन हेमाडपंथी शिव मंदिर उपेक्षा का शिकार। पुरातन विभाग और नेताओं की चुप्पी से श्रद्धालुओं में नाराजगी।
- Written By: प्रिया जैस
पौराणिक हेमाडपंथी शिव मंदिर (सौजन्य-नवभारत)
Hemadpanthi Architecture Maharashtra: गड़चिरोली जिले की आरमोरी तहसील के ठाणेगांव में पुरातन काल से पौराणिक हेमाडपंथी शिव मंदिर है। लेकिन इस ऐतिहासिक वास्तु की ओर पुरातन विभाग समेत जनप्रतिनिधियों की अनदेखी होने से स्थानीय नागरिक, पर्यटक और श्रध्दालुओं द्वारा तीव्र नाराजगी व्यक्त की जा रही है।
ठाणेगांववासियों द्वारा इस मंदिर परिसर में प्रति वर्ष महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में दो दिवसीय भव्य यात्रा का आयोजन किया जाता है। शिवरात्रि में ठाणेगांव समेत परिसर के श्रध्दालु बड़ी संख्या में इस यात्रा में शामिल होते है। वहीं अन्य समय भी यहां पर पूजा-अर्चना की जाती है।
पर्यटकों के लिए नहीं कोई सुविधा
आरमोरी तहसील के स्कूली, महाविद्यालयीन छात्र मंदिर को भेंट देकर पुरातन मंदिर का अभ्यास दौरा अथवा शैक्षणिक सैर के लिए पहुंचते है। लेकिन इस मंदिर परिसर में सेवा-सुविधाओं का अभाव होने से श्रध्दालु समेत छात्र, पर्यटकों को असुविधा हो रही है।
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विशेषत: मंदिर परिसर में खेती होने के कारण दोपहर के समय अथवा बारिश के दिनों में किसान मंदिर में सहारा लेते है। लेकिन मंदिर परिसर में सभागृह नहीं होने से श्रध्दालु और किसानों को असुविधा हो रही है। जिससे यहां पर विश्रामगृह निर्माण करने की बेहद आवश्यकता है।
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परिसर का सौंदर्यीकरण करना जरूरी
मंदिर परिसर की जगह की सफाई कर यहां पर सौंदर्यीकरण करना बेहद जरूरी है। मंदिर परिसर में संरक्षण दीवार का निर्माण करने पर मंदिर सुरक्षित रह सकता है। वहीं कुछ जगह पर मंदिर की मरम्मत करने की आवश्यकता है। वर्तमान स्थिति में यह मंदिर विभिन्न समस्याओं से घिरा हुआ है। बावजूद इसके पुरातन विभाग और जनप्रतिनिधियों द्वारा इस ओर अनदेखी किए जाने से परिसर के नागरिकों में तीव्र नाराजगी व्याप्त है।
