अमरावती मनपा: 20 फरवरी को तय होंगे 8 स्वीकृत सदस्य और स्थायी समिति के नाम; पार्षदों में मची लॉबिंग की होड़!

Amravati Municipal Corporation: अमरावती मनपा में 8 स्वीकृत सदस्यों और स्थायी समिति के लिए घमासान। 20 फरवरी को पहली आमसभा में तय होंगे नाम। भाजपा, युवा स्वाभिमान और राकां में खिंचतान।
High-stakes lobbying in Amravati Municipal Corporation for 8 co-opted members & Standing Committee seats.
अमरावती महानगरपालिका (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Standing Committee Election Amravati: अमरावती जिले में आगामी 20 फरवरी को मनपा की पहली सर्वसाधारण सभा का आयोजित की गई है। इस सभा में स्वीकृत सदस्यों के नाम तय किए जाएंगे। वहीं पर स्थायी समिति हेतु 16 सदस्यों के नाम का चयन किया जायेगा। मनपा स्थित विश्वरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सभागृह में सुबह 11 बजे रखी गई है।

स्वीकृत सदस्य तथा स्थाई समिति के सदस्य बनने के लिए इच्छुकों ने लॉबिंग लगाना शुरु किया है। जिसके चलते राजकीय हलचल बढ़ गई हैं। स्थायी समिति के 16 सदस्य समिति के अध्यक्ष का नाम तय करेंगे। गत मनपा की सभा में 17 वें महापौर तथा उपमहापौर  का चयन कर सभा का गठन किया गया था। इसके पश्चात यह पहली आमसभा महत्व की है। इसमें काफी प्रतिक्षित 8 स्वीकृत सदस्यों के नाम तय कर घोषित किए जाएंगे।

8 सदस्यों को किया जाएगा नामित

इसको लेकर सभी पक्षों में काफी खिंचतान जारी है। भाजपा में स्वीकृत सदस्य हेतु इच्छुकों की संख्या सर्वाधिक है। सभी अपने-अपने हिसाब से फील्डिंग लगा रहे हैं। भाजपा से तीन, युवा स्वाभिमान से दो तथा राकां पवार, कांग्रेस तथा एमआईएम से 1-1 सदस्य मिलाकर 8 सदस्य स्वीकृत सदस्य के तौर पर सदन में नामित किए जाएंगे। वैसे देखे जाए तो अपने-अपने क्षेत्र के नामांकित व्यक्ति को स्वीकृत सदस्य के तौर पर नियुक्त किया जाना चाहिए। जिसका सदन तथा शहर को फायदा मिल सके। लेकिन वस्तु स्थिति अलग है। गत मनपा सभागृह में राजकीय व्यक्ति को ही नियुक्त किया गया था। इसको लेकर सोशल मीडिया पर अभी से तरह-तरह की चर्चा व्याप्त है। राजकीय पक्षों में पराजित या पहुंच वाले व्यक्ति को ही सदन में भेज कर राजकीय पुनर्वास करने की चर्चा है।

भाजपा में रोष

मनपा चुनाव के दौरान टिकट वितरण को लेकर भाजपा में काफी रोष निर्माण हुआ था। इसके अलावा भाजपा तथा युवा स्वाभिमान गठबंधन के बीच भी काफी आरोप प्रत्यारोप हुए थे। भाजपा को सिर्फ 25 सीटों पर ही जीत हासिल कर संतोष मानना पड़ा था। लेकिन युवा स्वाभिमान में अपनी रणनीति के तहत 15 पार्षद चुनकर लाने में सफल रहे। वहीं पर राकां अजीत पवार गुट को अपेक्षा से काफी कम यानी सिर्फ 11 जगह जीत हासिल कर पाई।

अपेक्षा से विपरीत एमआईएम ने 12 स्थान पर परचम लहराकर सभी को आश्चर्य में डाल दिया था। महापौर तथा उपमहापौर चुनाव में एमआईएम की एक पार्षद मिरा कांबले ने भाजपा को समर्थन देने को लेकर पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना था। अब एक स्वीकृत सदस्य में भी इस प्रकार की घटना होने की शंका व्यक्त किय जा रही है।

5 वोट पड़ेंगे कम

फिलहाल स्वीकृत सदस्य में भी भाजपा तथा युवा स्वाभिमान के पांच सदस्यों के लिए 5 वोट कम पड़ेंगे। जिसकी व्यवस्था हो जाने की पूरी संभावना है। उर्वरित तीन सदस्यों में एक राकां खोडके, एक कांग्रेस तथा एक एमआईएम का नाम निश्चित तौर पर तय होगा। अतिरिक्त वोट के लिए भारी घोड़ा बाजार होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

अभी तक तो किसी भी पक्ष में अपने नाम उजागर नहीं किये। आंतरिक खिंचतान जारी है। भाजपा के नाम संभवतः पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की मोहर के बाद ही तय होंगे। राणा तथा खोडके  अपने स्तर पर निर्णय लेंगे। तब तक शहर में विविध नाम की चर्चा व्याप्त है।

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