प्रमोशन को 'नो': नागपुर मनपा के 205 सफाई कर्मियों ने ठुकराई पदोन्नति; वजह जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान!

Nagpur Municipal Corporation News: नागपुर मनपा के 205 सफाई कर्मियों ने ठुकराया प्रमोशन। वारिसों की नौकरी बचाने के लिए 'लाड-पागे समिति' की सिफारिशों का सहारा।
205 NMC sanitation workers refuse promotion to 3rd class to secure jobs for their heirs under the Lad-Page Committee recommendations
नागपुर न्यूज
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NMC Sanitation Workers Promotion: आम तौर पर सरकारी विभागों में पदोन्नति के लिए कर्मचारी अदालतों का दरवाजा तक खटखटाते हैं किंतु मनपा में उस समय अजीबोगरीब स्थिति उजागर हुई जब लगभग 205 सफाई कर्मचारियों ने चतुर्थ श्रेणी से तृतीय श्रेणी में पदोन्नति लेने से साफ इनकार कर दिया।

सूत्रों के अनुसार 3 वर्षों तक कार्य के बाद कर्मचारियों को पदोन्नति देने का नियम है जिसके अनुसार हाल ही में सामान्य प्रशासन की ओर से ऐसे 205 कर्मचारियों को पदोन्नति देने का प्रस्ताव तैयार किया था किंतु इन सभी सफाई कर्मचारियों ने पदोन्नति लेने से साफ इनकार कर दिया।

सफाई कर्मचारियों की इस स्वेच्छा पर विभाग की ओर से मुहर भी लगा दी गई है। विभाग का मानना है कि एक ओर कर्मचारियों को पदोन्नति दी जाती है वहीं दूसरी ओर लाड-पागे की सिफारिशों के अनुसार नियुक्त हुए कर्मचारी पदोन्नति लेने से ही साफ इनकार कर देते हैं।

वारिसों को नौकरी देने का फंडा

बताया जाता है कि लाड-पागे समिति की सिफारिशों के अनुसार नियुक्त सफाई कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति या स्वास्थ्य के चलते सेवा से बाहर होने पर उनके वारिसों को नौकरी देने का नियम है। यहां तक कि हाल ही में राज्य सरकार की ओर से अध्यादेश जारी कर एवजदारों को भी अधिसंख्य पदों पर लाड-पागे समिति की सिफारिशों के अनुसार नियुक्तियां देने के निर्देश जारी किए गए। मनपा में इस तरह के 4,500 एवजदार सफाई कर्मचारी हैं जिनमें से लगभग 1,000 के करीब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सरकार के अध्यादेश के चलते उनके वारिसों को सफाई कर्मचारियों के पद पर नियुक्तियां मिलने का नियम तय हो गया है। जानकारों के अनुसार यदि सफाई कर्मचारी चतुर्थ श्रेणी से तृतीय श्रेणी में पदोन्नत होकर चला जाता है तो ऐसी स्थिति में उनके वारिसों को लाड-पागे समिति की सिफारिशें लागू नहीं होती हैं। यही कारण है कि वारिसों को नौकरी दिलाने के लिए सफाई कर्मचारी पदोन्नति तक नहीं ले रहे हैं।

200 कर्मचारियों के वारिसों के प्रस्ताव लंबित

बताया जाता है कि एक ओर जहां 4,500 एवजदारों में से 1,000 रिटायर हो चुके हैं वहीं 3,900 स्थायी सफाई कर्मचारियों में से भी कई सेवानिवृत्त हो चुके हैं जिनके स्थान पर भी लाड-पागे समिति की सिफारिशों के अनुसार उनके वारिसों को नौकरी दी जाती है।

हालांकि गत कुछ समय के लिए हाई कोर्ट से इस मामले में रोक होने के कारण नियुक्तियां नहीं हो पाई थीं किंतु बाद में यह मसला हल हो गया जिससे नियुक्तियां शुरू हो गईं। ऐसे 150 से 200 सफाई कर्मचारियों के वारिसों को लाड-पागे समिति की सिफारिशों का लाभ देना बाकी है।

  • 4,500 एवजदार सफाई कर्मचारी
  • 1,000 कर्मचारी हो चुके हैं रिटायर
  • 3,900 स्थायी सफाई कर्मचारी

तृतीय श्रेणी के कई पद रिक्त

विभाग के अनुसार चूंकि सफाई कर्मचारी चतुर्थ श्रेणी से तृतीय श्रेणी में पदोन्नति नहीं ले रहे हैं। ऐसे में तृतीय श्रेणी के कई पद रिक्त रह जाते हैं। हालांकि पदोन्नति की वरीयता के आधार पर सूची तो तैयार की जाती है जिसके आधार पर पदोन्नति का प्रस्ताव भी दिया जाता है किंतु 95 प्रतिशत सफाई कर्मचारी पदोन्नति लेने से इनकार ही करते हैं जिसका हश्र यह है कि तृतीय श्रेणी के कई पद रिक्त हैं। एक ओर मनपा में कर्मचारियों की कमी तो दूसरी ओर सफाई कर्मचारियों की ओर से पदोन्नति लेने से इनकार किए जाने के कारण विभिन्न विभागों में कर्मचारियों को भेजा जा रहा है।

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