अभिजीत दिपके बोले- अभी तो ये अंगड़ाई है, आंदोलन नहीं रुका, अब देशभर में शिक्षा सुधार की नई लड़ाई बाकी है
Sambhajinagar Education Reform Movement: नीट पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन समाप्त करने के बाद CJP ने देशव्यापी अभियान का ऐलान किया। अभिजीत दिपके ने कहा कि यह अंत नहीं, बल्कि शिक्षा सुधार की नई शुरुआत है।
- Written By: अंकिता पटेल
सीजेपी, अभिजीत दिपके, (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
NEET Paper Leak Protest: नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर केंद्र के खिलाफ आंदोलन चलाने वाली सीजेपी ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी है। हालांकि अभिजीत दिपके ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन का अंत नहीं बल्कि देशव्यापी संघर्ष की शुरुआत है। सीजेपी नेता अभिजीत दिपके ने आंदोलन समाप्त होने के बाद अपने घर छत्रपति संभाजीनगर पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने बातचीत में कहा कि अभी तो ये अंगड़ाई है। कॉकरोच जनता पार्टी को अभी लंबा सफर तय करना है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा अंतिम लक्ष्य नहीं था।
संगठन की मांग है कि नीट पेपर लीक और उससे जुड़े घटनाक्रम से प्रभावित होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। प्रदर्शन समाप्त करने का मतलब आंदोलन खत्म होना नहीं है। अब संगठन देशभर में युवाओं के बीच जाकर उनकी समस्याओं सुनेगा और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए अभियान चलाएगा।
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जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन कर देश भर में पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन तेज करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी ने मंगलवार तक कोई भी नया कदम नहीं उठाने का निर्णय किया है। इसकी वजह यह है कि शिक्षा मंत्री रहे धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा की मांग के साथ ही उन्होंने अपनी 2 अन्य मुख्य मांगे रखी थी।
इनमें से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा की मांग पर सरकार ने झुकते हुए शनिवार को प्रधान का इस्तीफा ले लिया, जबकि अन्य 2 मुख्य मांगों को भी स्वीकार करते हुए सरकार ने कहा था कि वह इस पर उठाए गए कदमों की जानकारी प्रमाण के साथ मंगलवार को देगी।
कॉकरोच जनता पार्टी ने जो अन्य 2 मुख्य मांगें रखी थीं उनमें एक यह थी कि आंदोलन के दौरान जिस भी छात्र और युवा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उसे खत्म किया जाए।
यही नहीं, भविष्य में भी उनके खिलाफ इस मामले को लेकर कोई एफआईआर नहीं की जाए, जिन छात्रों ने नीट पेपर लीक की वजह से आत्महत्या की है उनके परिजनों को 1 करोड रुपए का मुआवजा दिया जाए।
युवाओं के मुद्दों को मजबूती से उठाना मुख्य उद्देश्य
- उन्होंने कहा कि सीजेपी का उद्देश्य युवाओं के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाना है।
- इसके लिए संगठन देशभर में जनसंपर्क अभियान चलाएगा और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेगा।
- राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगठन फिलहाल जनाधार मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
- हालांकि भविष्य में उसकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं भी तेज हैं।
शिरसाट शिंदे के मंत्री पहुंचे दिपके के घर
नीट पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन का नेतृत्व करने वाले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चर्चा में आए अभिजीत दिपके के परिवार से महाराष्ट्र सरकार के मंत्री संजय शिरसाट ने मुलाकात की।
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‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के अध्यक्ष अभिजीत दिपके के छत्रपति संभाजीनगर स्थित निवास पर पहुंचकर शिरसाट ने उनके माता-पिता से लंबी बातचीत की और अभिजीत दिपके के संघर्ष की सराहना करते हुए उन्हें पुलिस सुरक्षा दिलाने का आश्वासन दिया। शिरसाट ने कहा कि वे पहले ही दिपके के परिवार से मिलना चाहते थे लेकिन उस समय ऐसा करने से आंदोलन को राजनीतिक रंग मिलने की आशंका थी, इसलिए उन्होंने जानबूझकर मुलाकात टाल दी।
