विदर्भ में गर्मी के बीच 15 जून से स्कूल खोलने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती, शिक्षा विभाग को नोटिस जारी
Nagpur Education News: विदर्भ में भीषण गर्मी के बीच 15 जून से स्कूल शुरू करने के सरकारी आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। अदालत ने शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
- Written By: रूपम सिंह
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Nagpur High Court Education Department: विदर्भ में भीषण गर्मी के बीच 15 जून से स्कूल शुरू करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षण समिति द्वारा दायर इस याचिका पर सुनवाई के बाद न्या। रजनीश व्यास ने स्कूली शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब दायर करने का आदेश दिया। याचिकाकर्ताओं की अधि। भानुदास कुलकर्णी ने पैरवी की।
याचिका में स्पष्ट तौर पर मांग की गई है कि बढ़ते तापमान के कारण छात्रों के स्वास्थ्य को होने वाले गंभीर खतरे को देखते हुए स्कूल 26 जून के बाद ही शुरू किए जाने चाहिए। याचिका के अनुसार शिक्षा उपसंचालक ने 28 मार्च 2026 को एक परिपत्र जारी कर विदर्भ के स्कूलों को 15 जून से खोलने का निर्देश दिया था जिसके तहत 15 से 30 जून के बीच सुबह 7 से 11.45 बजे तक कक्षाएं लगाने का आदेश है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार जून के महीने में नागपुर विदर्भ का तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है।
ग्रामीण क्षेत्र में पैदल जाते हैं स्कूली बच्चे ग्रामीण इलाकों के छात्रों की स्थिति का हवाला देते हुए बताया गया है कि सुबह 7 बजे की स्कूल के लिए बच्चों को 3 से 5 किलोमीटर तक पैदल पड़ता है। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे जब वे लौटेंगे तो उन्हें चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा जो उनके स्वास्थ्य के लिए बेहद
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खतरनाक है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी दावा किया है कि जब स्कूलों की छुट्टियों और उन्हें खोलने को लेकर राज्य सरकार का निर्णय पहले से ही अस्तित्व में है तो शिक्षा उपसंचालक को अलग से कोई नया परिपत्र निकालकर सरकार के फैसले के विपरीत आदेश देने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। देखने वाली बात यह है अंतिम निर्णय क्या होगा।
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2007 में भी अदालत पहुंचा था ऐसा ही विवाद
- विदर्भ में गर्मी और स्कूलों के खुलने का यह विवाद कोई नया नहीं है। इससे पहले साल 2007 में भी ऐसा ही एक मामला उच्च न्यायालय में गया था।
- उस समय 6 जून 2007 को अदालत ने विदर्भ के स्कूलों को 26 जून के बाद खोलने का स्पष्ट निर्देश दिया था।
- तत्कालीन राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय के इस फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी जिसे बाद में वापस ले लिया गया था
- इसके बाद राज्य सरकार ने 22 जून 2007, 11 अप्रैल 2022 और 20 अप्रैल 2023 को बाकायदा सरकारी आदेश जारी कर विदर्भ के स्कूलों को हर साल 30 जून से शुरू करने का निर्देश दिया था।
- अब इस नए परिपत्र ने एक बार फिर पुराने विवाद को जन्म दे दिया है।
