नागपुर विदर्भ में डीजल संकट, खदानों में थमे ट्रकों के पहिए; उत्पादन और सप्लाई पर असर

Nagpur Fuel Supply Disruption: विदर्भ में डीजल की कमी से ट्रकों के पहिए थम गए हैं। खदानों में उत्पादन और कोयला परिवहन प्रभावित हो रहा है, जिससे हालात गंभीर बने हुए हैं।
Diesel Crisis in Nagpur-Vidarbha: Trucks Come to a Halt at Mines; Production and Supply Affected
नागपुर विदर्भ डीजल संकट,(सोर्स: सौजन्य AI)
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Nagpur Diesel Supply Issue: नागपुर सहित विदर्भ के अधिकांश हिस्सों में डीजल की कृत्रिम कमी ने ट्रकों के पहिए 'रोक' दिए हैं। खदानों के आसपास बड़ी संख्या में ट्रक्स खड़े हो गए हैं। संचालक डीजल के जुगाड़ में भटक रहे हैं। कहीं से जुगाड़ हो गया तो ट्रक के पहिए घूमने लगते हैं, जुगाड़ नहीं हुआ तो ट्रक खड़ा हो जा रहा है।

इतना ही नहीं वेकोलि के खदानों में भी डीजल की कमी महसूस की जाने लगी है। जानकारों की मानें तो उत्पादन पर इसका असर दिखने लगा है। अगर किसी खदान में उत्पादन हो रहा है तो उसके डिस्पैच के लिए ट्रक नहीं मिल रहे हैं। कुल मिलाकर स्थिति काफी खराब हो चुकी है। कोयला क्षेत्र से जुड़े लोगों ने बताया कि कोयला परिवहन करने वालों की स्थिति काफी खराच हो गई है।

सैकड़ों ट्रक अलग-अलग खदानों के सामने खड़े हैं। कहीं से भी इन्हें डीजल नहीं मिल रहा है। कई लोग नागपुर से डीजल भेज रहे हैं, ताकि कुछ पहिए घूम सके लेकिन यह ऊंट के मुंह में जीरा जैसा ही है।

वेकोलि के सूत्रों ने बताया कि कई खदानों में डीजल की कमी हो चुकी है, इसलिए मशीनों का संचालन प्रभावित हो रहा है। मशीनों में डालने के लिए डीजल नहीं है जिस कारण उत्पादन लक्ष्य के अनुरूप नहीं हो रहा है।

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कई स्थानों से शिकायत

कोयला कारोबारियों का कहना है कि वेकोलि में फुलटाइम अध्यक्ष तथा प्रबंध निदेशक नहीं होने से समस्या और अधिक बढ़ गई है, कुछ निदेशक अपना उल्लू सीधा करने के लिए काम कर रहे हैं। टारगेट के पीछे पड़े हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है। मकरधोकड़ा जैसी खदान में 8-8 लाख टन माल पड़ा हुआ है।

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