नागपुर: बिजली व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए महावितरण की बड़ी योजना, ADB के सहयोग से खर्च होंगे 603 करोड़ रुपये
Nagpur Mahavitran News: नागपुर में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए महावितरण एशियाई विकास बैंक के सहयोग से 602.98 करोड़ रुपये की योजना लागू कर रहा है। इसके तहत 21 नए उपकेंद्र बनेंगे।
- Written By: रूपम सिंह
Electricity Supply प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Nagpur Mahavitran Electricity Supply News: नागपुर में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई है। इस आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए महावितरण ने नागपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों दोनों के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण करने की योजना बनाई है। जिले की बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक और सक्षम बनाने के लिए एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के सहयोग से 602.98 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी विकास योजना लागू की जा रही है। हाल ही में पालक मंत्री की अध्यक्षता में हुई
महावितरण की बैठक में इसकी समीक्षा की गई। योजना के पूर्ण होने के बाद नागपुरवासियों को ट्रिपिंग और अघोषित बिजली कटौती से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। महावितरण के मुख्य अभियंता दिलीप दोडके ने बताया कि योजना के तहत नागपुर जिले के विभिन्न हिस्सों में 21 नए अतिउच्च दाब (33/11 केवी) उपकेंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें नागपुर शहर में 9 तथा ग्रामीण में 12 स्थान शामिल हैं। 7 उपकेंद्रों की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी।
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा जिला
- बताया गया कि वर्तमान में नागपुर शहर की बिजली मांग 875 मेगावाट से अधिक पहुंच चुकी है।
- 603 करोड़ रुपये के इस निवेश से नागपुर जिला ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर और आधुनिक बनेगा तथा उद्योग, कृषि और आम नागरिकों को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।
- दोडके ने बताया कि वर्तमान में जिले में 33 केवी क्षमता के 190 उपकेंद्र 24 घंटे कार्यरत हैं तथा कुल 3827 कर्मचारी नियुक्त हैं। अब इस व्यवस्था को ‘एडीबी योजना’ के माध्यम से और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।
- इसके अलावा जिले में 33 केवी क्षमता की 2,213 किमी लंबी 564 लाइनें तथा 11 केवी क्षमता की 12,778 किमी लंबी कुल 564 लाइनें कार्यरत हैं। साथ ही 319 पावर ट्रांसफॉर्मर, 34,770 वितरण ट्रांसफॉर्मर और 32,184 किमी लंबी निम्नदाब विद्युत लाइनों का नेटवर्क जिले के 1840 गांवों को रोशन कर रहा है।
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कम होंगी बिजली बाधित की घटनाएं
ग्राहकों को लगातार और स्थिर वोल्टेज के साथ बिजली उपलब्ध कराने के लिए 405 नए वितरण ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। साथ ही 156 किमी नई ओवरहेड लाइन और लगभग 300 किमी अत्याधुनिक भूमिगत केबल बिछाने का प्रस्ताव इस योजना में शामिल है। इससे बारिश या तूफान के दौरान बिजली बाधित होने की घटनाएं बेहद कम हो जाएंगी। विशेष रूप से नागपुर शहर के तेजी से विकसित हो रहे धाबा, हिंगना, सुभान नगर, न्यू कलमना, तुलसीबाग और जाफर नगर क्षेत्रों के नागरिकों को इस योजना का बड़ा लाभ मिलेगा।
बूटीबोरी जैसे औद्योगिक क्षेत्र के साथ गांधीबाग, महल और सिविल लाइंस जैसे व्यस्त इलाकों में नए उपकेंद्रों के कारण बिजली की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। इसके अलावा काटोल, उमरेड, मौदा और कामठी जैसे ग्रामीण क्षेत्रों तक भी बिजली व्यवस्था पावरफुल होगी। बैठक में अधीक्षक अभियंता अमित परांजपे, संजय वाकडे उपस्थित थे।
