

Nagpur Mahavitran Electricity Supply News: नागपुर में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई है। इस आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए महावितरण ने नागपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों दोनों के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण करने की योजना बनाई है। जिले की बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक और सक्षम बनाने के लिए एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के सहयोग से 602.98 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी विकास योजना लागू की जा रही है। हाल ही में पालक मंत्री की अध्यक्षता में हुई
महावितरण की बैठक में इसकी समीक्षा की गई। योजना के पूर्ण होने के बाद नागपुरवासियों को ट्रिपिंग और अघोषित बिजली कटौती से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। महावितरण के मुख्य अभियंता दिलीप दोडके ने बताया कि योजना के तहत नागपुर जिले के विभिन्न हिस्सों में 21 नए अतिउच्च दाब (33/11 केवी) उपकेंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें नागपुर शहर में 9 तथा ग्रामीण में 12 स्थान शामिल हैं। 7 उपकेंद्रों की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी।
ग्राहकों को लगातार और स्थिर वोल्टेज के साथ बिजली उपलब्ध कराने के लिए 405 नए वितरण ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। साथ ही 156 किमी नई ओवरहेड लाइन और लगभग 300 किमी अत्याधुनिक भूमिगत केबल बिछाने का प्रस्ताव इस योजना में शामिल है। इससे बारिश या तूफान के दौरान बिजली बाधित होने की घटनाएं बेहद कम हो जाएंगी। विशेष रूप से नागपुर शहर के तेजी से विकसित हो रहे धाबा, हिंगना, सुभान नगर, न्यू कलमना, तुलसीबाग और जाफर नगर क्षेत्रों के नागरिकों को इस योजना का बड़ा लाभ मिलेगा।
बूटीबोरी जैसे औद्योगिक क्षेत्र के साथ गांधीबाग, महल और सिविल लाइंस जैसे व्यस्त इलाकों में नए उपकेंद्रों के कारण बिजली की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। इसके अलावा काटोल, उमरेड, मौदा और कामठी जैसे ग्रामीण क्षेत्रों तक भी बिजली व्यवस्था पावरफुल होगी। बैठक में अधीक्षक अभियंता अमित परांजपे, संजय वाकडे उपस्थित थे।