Nagpur News: NGT ने फुटाला तालाब संरक्षण में NMC की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
Futala Lake: एनजीटी ने फटाला तालाब के संरक्षण में नागपुर मनपा की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए तालाब की सुरक्षा के लिए सीवर लाइन, सीसीटीवी और अतिक्रमण हटाने जैसे निर्देश दिए।
- Written By: आंचल लोखंडे
Lake Preservation (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nagpur Municipal Corporation: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी), पुणे पीठ ने नागपुर के ऐतिहासिक फुटाला तालाब के रखरखाव में हो रही लापरवाही और घटती सुंदरता पर कड़ा रुख अपनाया। ट्रिब्यूनल ने महानगरपालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
सुनवाई के दौरान मनपा ने अदालत को बताया कि तालाब के पास कचरा फेंकने वालों को रोकने के लिए ‘न्यूसेंस डिटेक्शन स्क्वाड’ (एनडीएस) तैनात किया गया है और नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके जवाब में ट्रिब्यूनल ने पूछा कि मनपा किस कानूनी प्रावधान के तहत जुर्माना लगाएगी और 2 सप्ताह के भीतर अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।
मेट्रो और एनआईटी को बनाया प्रतिवादी
एनजीटी ने तालाब संरक्षण की गंभीरता को देखते हुए प्रन्यास और महा मेट्रो को भी प्रतिवादी के रूप में शामिल किया। कोर्ट के अनुसार ये विभाग तालाब क्षेत्र में पर्यावरण प्रबंधन योजना लागू करने और बुनियादी ढांचे से निकलने वाले कचरे के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार हैं। तालाब की टूटी हुई दीवारों की मरम्मत की जिम्मेदारी तय करने के लिए लोक निर्माण विभाग को भी प्रतिवादी बनाया गया।
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तालाब को प्रदूषित होने से बचाने के लिए उठाए जा रहे कदम
कश्मीरी बस्ती से निकलने वाले सीवेज को तालाब में जाने से रोकने के लिए 23,63,583 रुपये की लागत से सीवर लाइन बनाने की योजना है। ट्रिब्यूनल ने इसकी समय सीमा मांगी। तालाब परिसर में 19 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी है।
कूड़ा प्रबंधन के लिए विशेष सफाई दल और ‘निर्माल्य कलश’ की व्यवस्था की गई है। अवैध तबेले क्षेत्र में 8 अवैध तबेलों से निकलने वाला गोबर तालाब के पानी को खराब कर रहा है। एनजीटी ने महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) को निर्देश दिया कि वह मनपा द्वारा इन तबेलों पर की जा रही कार्रवाई की नियमित रिपोर्ट ले।
