मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Devendra Fadnavis On NCP Merger: महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के विलय की खबरें सुर्खियों में हैं। मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि विलय का मामला पूरी तरह से संबंधित दलों के नेताओं के बीच का है। फडणवीस ने कहा कि एनीसीपी के दोनों गुटों के नेता विलय के मुद्दे को सुलझाएंगे। भाजपा इस पर तभी कोई टिप्पणी करेगी, जब कोई अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा।
पिछले महीने बारामती में एक दुखद विमान दुर्घटना में अजित पवार के निधन के बाद, आज कैबिनेट की पहली बैठक हुई। फडणवीस ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की और नई उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार का गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में राकांपा बेहतर प्रदर्शन करेगी। गौरतलब है कि अजित पवार की मृत्यु के बाद शरद पवार गुट की ओर से यह दावा किया गया था कि 12 फरवरी को विलय की औपचारिक घोषणा होनी तय थी।
मनसे (MNS) प्रमुख राज ठाकरे द्वारा आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर की गई टिप्पणी पर भी फडणवीस ने तीखा पलटवार किया। राज ठाकरे ने भागवत की आलोचना करते हुए भाषा के मुद्दे पर संघ के रुख को घेरा था। इस पर मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि संघ के शताब्दी समारोह में जिन्हें निमंत्रण नहीं मिला, वे नाराज हैं और इसीलिए वे आलोचना का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि आरएसएस का कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों को संगठन के 100 साल के सफर से जोड़ने के लिए था, लेकिन जिन्हें बुलावा नहीं मिला, उनकी नाराजगी स्पष्ट दिख रही है।
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चंद्रपुर में भाजपा द्वारा शिवसेना (UBT) के समर्थन से कांग्रेस को मात देकर महापौर पद कब्जाने के सवाल पर फडणवीस ने सधी हुई प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी लेने के बाद ही कोई आधिकारिक बयान देंगे। फिलहाल, महाराष्ट्र की राजनीति में यह गठबंधन एक नई चर्चा को जन्म दे रहा है।