नागपुर: धंतोली अतिक्रमण केस, कोर्ट ने पूछा- कार्रवाई हुई या सिर्फ कागजों में? मनपा से मांगा पूरा हिसाब

Nagpur Dhantoli Parking Issue: नागपुर के धंतोली में अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर दायर जनहित याचिका में हाई कोर्ट ने मनपा की सुस्त कार्रवाई पर नाराजगी जताई और विस्तृत ब्योरा मांगा।
Nagpur: Dhantoli Encroachment Case—Court Asks: Was Action Taken, or Was It Merely on Paper? Seeks Full Account from Municipal Corporation.
नागपुर अतिक्रमण,(प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Encroachment: नागपुर शहर के धंतोली में अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के चलते हो रही परेशानी को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। याचिका पर बुधवार को सुनवाई के दौरान मनपा अधिकारियों को उस समय कोर्ट की नाराजगी झेलनी पड़ गई, जब वर्षों से चल रही सुनवाई के बावजूद पुराने आदेशों का ही पालन नहीं होने की जानकारी कोर्ट को दी गई।

न्यायाधीश अनिल किलोर और न्यायाधीश राज वाकोडे ने कहा कि अतिक्रमण का मतलब केवल हॉकर्स या फुटपाथों पर बैठे छोटे दुकानदार ही नहीं हैं, बल्कि बड़े दुकानदारों द्वारा फुटपाथ तक फैलाए जा रहे सामान भी हैं।

कोर्ट ने गत एक वर्ष में की गई कार्रवाई, दस्ते में शामिल अधिकारियों और उनके वेतन पर हो रहे खर्च का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत करने के आदेश मनपा को दिए। याचिकाकर्ता की ओर से अधि। आशुतोष धमर्माधिकारी, मनपा की ओर से अधि। जेमीनी कासट ने पैरवी की।

दस्ते के जाते ही स्थिति ज्यों की त्यों

शहर के प्रमुख इलाके धंतोली और रामदासपेठ में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण के मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने महानगर पालिका के अतिक्रमण विभाग को कड़ी फटकार लगाई, पंचशील चौक से लेकर जनता चौक तक अस्पतालों, शोरूम और दुकानदारों द्वारा किए गए अवैध कब्जे पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने मनपा से उसके कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है। सुनवाई के दौरान साल 2010 के आदेशों का हवाला देते हुए याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि पंचशील से जनता चौक तक की जगह आम जनता की पार्किंग के लिए है, लेकिन वहां दुकानदारों और ब्लड बैंक वालों ने अवैध कब्जा कर लिया है। मनपा कार्रवाई तो करती है, लेकिन दो-तीन दिन बाद स्थिति फिर वैसी ही हो जाती है।

केवल छोटे फेरीवालों को बनाते हैं निशाना

अदालत ने मनपा की धौर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए अतिक्रमण विभाग के जीनल कर्मचारियों की संख्या, उनके वेतन पर होने वाले खर्च और पिछले एक साल के काम का विस्तृत रिकॉर्ड पेश करने का आदेश दिया, कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा यदि आपके अधिकारी यह अतिक्रमण नहीं हटा सकते, तो इन कर्मचारियों को नौकनी से निकालकर घर भेज दे। हमें इनकी जरूरत नहीं है, जनता के पैसे क्यों बर्बाद किए जाएं। अदालत ने मनया को यह भी सुनाया कि उनका दस्ता सिर्फ छोटे फेरीवाली (हॉकर्स) को निशाना बनाता है, जबकि बड़े दुकानदारी और पक्के निर्माण पर कोई कार्रवाई नहीं होती।

ट्रैफिक सुधार के लिए पुलिस और मनपा का 'जॉइंट ड्राइव'

धंतोली में ट्रैफिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए हर महीने मनपा और ट्रैफिक पुलिस द्वारा संयुक्त कार्रवाई करने का सुझाव रखा गया। इसे शुरुआत में 3 महीने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू करने की भी सलाह रखी गई। इसके अलावा, सीताबर्डी में मेट्रो इंटरचेंज की वजह से भविष्य में बढ़ने वाले भारी ट्रैफिक को देखते हुए धंतोली में प्रवेश और निकास के लिए नए 'वन-वे' रास्ते बनाए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया है।

एंबुलेंस के लिए तय हो पार्किंग, अवैध एंबुलेंस पर कसेगा शिकंजा

सुनवाई के दौरान सड़कों पर कहीं भी एंबुलेस खड़ी होने से लगने वाले जाम से निपटने के लिए एक 'यूनिक आइडिया' पेश किया गया। इसके तहत 30 बड़ी (ICU) एंबुलेंस के लिए तीन विशेष पार्किंग स्थल बनाने का सुझाव दिया गया। पटवर्धन ग्राउंड पर (10 एंबुलेस)। वाशवंत स्टेडियम के सामने (10 एंबुलेंस)। हिस्लाप/प्रिस हॉस्पिटेलिटी के सामने (10 एंबुलेस)।

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