

Nagpur Wardha Road Congestion: नागपुर सिटी की दम तोड़ रही ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था और वर्धा रोड पर ट्रैफिक जाम की स्थिति को लेकर समाचार पत्रों में छपी खबर पर न्यायाधीश अनिल किल्लोर और न्यायाधीश राज वाकोडे की ओर से स्वयं संज्ञान लिया गया। याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश किल्लोर और न्यायाधीश वाकोडे ने नगर विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, पीडब्ल्यूडी विभाग के सचिव, पुलिस आयुक्त, ट्रैफिक विभाग के उपायुक्त, मनपा आयुक्त, प्रन्यास सभापति और महा मेट्रो के प्रबंध निदेशक को नोटिस जारी कर जवाब दायर करने का आदेश दिया।
गत सुनवाई के दौरान अदालत मित्र अधि। उत्कर्ष खोबरागडे ने कोर्ट को बताया कि भले ही महानगरपालिका एआई आधारित ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था की योजना पर काम करने का दावा कर रही हो किंतु वास्तविक रूप में ट्रैफिक सिग्नलों का रखरखाव नहीं होने के कारण पूरी व्यवस्था चरमरा गई है। यहां तक कि ट्रैफिक सिग्नल दम तोड़ रहे हैं। शहर में कुल 171 ट्रैफिक सिग्नल जंक्शन हैं लेकिन 'केल्ट्रॉन' कंपनी की पहल के तहत इनमें से केवल 10 सिग्नलों को ही अपग्रेड किया गया है।
अदालत मित्र के अनुसार शहर को स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट देने का वादा अब वाहन चालकों के लिए दुःस्वप्न साबित हो रहा है। 197 करोड़ के इंटीग्रेटेड इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (IITMS) प्रोजेक्ट के बावजूद सड़कों पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। हकीकत यह है कि शहर के 171 ट्रैफिक सिग्नल जंक्शनों में से केवल 10 को ही अपग्रेड किया गया है, जबकि बाकी के सिग्नल खराब रखरखाव और तकनीकी खामियों के कारण दम तोड़ रहे हैं।
जमीनी हकीकत की जांच में सामने आया है कि कई जंक्शनों पर हरी बत्तियां नहीं जलती जिससे चालक भ्रमित रहते हैं। वहीं कई जगहों पर लाल बत्तियां बंद पड़ी हैं जिससे व्यस्त समय में भारी अराजकता पैदा होती है।
स्थिति तब और खराब हो जाती है जब कुछ जंक्शनों पर लाल, पीली और हरी तीनों लाइटें एक साथ जलने लगती हैं जिससे वाहन चालकों को खतरनाक मोड़ लेने पर मजबूर होना पड़ता है। रात के समय नियमों के अनुसार स्थिर अंबर (पोली) लाइट के बजाय रेड लाइट ब्लिंक करती है जो नियमों का उल्लंघन है।
शहर के कई प्रमुख चौराहे जैसे इंस्ट हाई कोर्ट रोड, अवस्थीनगर चौक, ट्रैफिक पार्क टी-पॉइंट, यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी चौका, नेल्सन स्क्वायर, लिबर्टी स्वायर, गड्डीगोदाम, इंदोरा चौक और मंगलदीप चौक इन विफलताओं की मार झेल रहे है।
अवस्थीनगर में तो स्थिति इतनी भयावह है कि एक तरफ की रेड लाइट बंद रहती है जबकि दूसरी तरफ की ग्रीन लाइट चलती रहती है, जिससे रोजाना दुर्घटना की स्थिति बनी रहती है।
जीपीओ स्क्वायर और राजा रानी स्क्वायर पर रेड लाइट ब्लिंक होने के कारण चालक लंबे समय तक खड़े रहते हैं जब तक उन्हें यह समझ नहीं आता कि यह एक तकनीकी खराबी है।