
(फोटो सौजन्य- एक्स-@SMungantiwar)
नागपुर: फिल्म निर्माण की नींव मराठी फिल्मों से रखी गई है और महाराष्ट्र को मराठी फिल्मों की एक समृद्ध परंपरा का आशीर्वाद मिला है। इस परंपरा को और समृद्ध करने और मराठी फिल्मों को व्यापक व्यावसायिक अवसर प्राप्त करने के लिए सांस्कृतिक विभाग द्वारा एक मराठी फिल्म नीति तैयार की जानी चाहिए। सांस्कृतिक मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने जोर देकर कहा कि नागपुर में 100 हेक्टेयर में भव्य चित्रनगरी का निर्माण किया जाएगा।
इस उद्देश्य से एक समिति का गठन किया जाना चाहिए और काम को गति दी जानी चाहिए। मराठी फिल्मों के संबंध में बुधवार को मंत्रालय में बैठक आयोजित की गई थी। इस इस दौरान मुनगंटीवार ने संबंधितों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इस अवसर पर विभाग के अपर मुख्य सचिव विकास खारगे, चित्रनगरी मुंबई की व्यवस्थापकीय संचालक स्वाती म्हसे पाटिल सहित सभी संबंधित अधिकारी, अखिल भारतीय मराठी फिल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी और अन्य संबंधित उपस्थित थे।
चित्रपट अनुदानाच्या अनुषंगाने आज मंत्रालय येथे बैठक घेतली. मराठी चित्रपटांचा दर्जा वाढावा दिग्दर्शक, निर्माते आणि अभिनेत्यांचे मनोबल वाढावे ही सांस्कृतिक कार्य विभागाची भूमिका आहे, याच अनुषंगाने चित्रपट क्षेत्रातील कलावंतांची व चित्रपट महामंडळ अधिकाऱ्यांशी सविस्तर चर्चा केली.… pic.twitter.com/aJa98EW7le — Sudhir Mungantiwar (@SMungantiwar) September 4, 2024
बैठक के दौरान मुनगंटीवार ने इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि चित्रनगरी विदर्भ की भूमि पर होनी चाहिए जिसने कई प्रतिभाशाली साहित्यकार, लेखक, निर्देशक और अभिनेता दिए हैं। संस्कृति विभाग अधिक गुणवत्ता वाली मराठी फिल्मों के निर्माण के लिए पूरक वातावरण और अवसरों की उपलब्धता बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। जिस फिल्म में महिला निर्देशक हो और वह सब्सिडी के लिए पात्र हो, उस फिल्म को 5 लाख रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया।
यह भी पढ़ें:- MVA में ‘इलेक्टिव मेरिट’ मापदंड से असंतोष, नागपुर में सीट शेयरिंग को लेकर मचा घमासान
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भाग लेने वाली मराठी फिल्मों को बिना स्क्रीनिंग के दोगुनी सब्सिडी दी जाएगी। फिल्मों को सब्सिडी के लिए ‘अ, ब, क’ इन 3 श्रेणियों में वर्गीकृत करने के लिए ग्रेडिंग कमेटी बनाने के भी निर्देश दिए। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव विकास खारगे ने कहा कि कोविड काल की फिल्मों पर अलग से विचार कर निर्णय लिया जाएगा।






