गडकरी के गढ़ नागपुर में बगावत, टिकट न मिलने से भाजपा को अपनों का झटका, नेताओं के फोन भी नहीं आए काम
Nagpur BJP Rebellion: नागपुर मनपा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी में बगावत तेज। टिकट न मिलने से नाराज कई नेता निर्दलीय मैदान में, नितिन गडकरी के गढ़ में चुनौती।
- Written By: प्रिया जैस
नितिन गड़करी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
NMC Elections 2026: राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के लिए 15 जनवरी को होने वाले चुनावों से पहले नागपुर महानगरपालिका में भारतीय जनता पार्टी को अपनों की ही बगावत का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस गृह क्षेत्र में कई ‘वफादार’ कार्यकर्ताओं ने टिकट न मिलने से नाराज होकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और अब वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार नाम वापसी के अंतिम दिन टिकट नहीं मिलने वाले कुछ पूर्व पार्षदों ने तो नाम वापस लिए हैं किंतु कुछ वरिष्ठ नेताओं और पूर्व पार्षदों ने भी चुनाव में ताल ठोक दी है जिससे अब भाजपा की किरकिरी होती दिखाई दे रही है। पार्टी के भीतर उठी इस बगावत ने आगामी 15 जनवरी के चुनावों में भाजपा की राह को चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
वफादारों की जगह बाहरी लोगों को प्राथमिकता देने का आरोप
पार्टी छोड़ने वाले नेताओं का आरोप है कि भाजपा ने लंबे समय से जुड़े निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी की है और उनकी जगह दलबदलुओं या बाहरी लोगों को टिकट दिए हैं। इस असंतोष के कारण नागपुर में पार्टी के भीतर इस्तीफों की झड़ी लग गई है।
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मनपा की कुल 151 सीटों में से भाजपा 143 पर चुनाव लड़ रही है, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना 8 सीटों पर मैदान में है। दूसरी ओर, कांग्रेस बिना किसी गठबंधन के सभी 151 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और अजीत पवार की राकांपा 90 से अधिक सीटों पर दावेदारी कर रही है।
मैदान में डटे पूर्व महापौर डेहनकर के पति
बगावत करने वाले प्रमुख चेहरों में पूर्व महापौर अर्चना डेहनकर के पति विनायक डेहनकर शामिल हैं। उन्होंने वार्ड 17 से टिकट न मिलने पर पार्टी से इस्तीफा दे दिया और निर्दलीय नामांकन भरा है। उनका कहना है कि पार्टी ने स्थानीय कार्यकर्ता की बजाय दूसरे वार्ड से आए सदस्यों को मौका दिया जो निराशाजनक है। हालांकि उनकी पत्नी और भाजपा की राज्य पदाधिकारी अर्चना डेहनकर ने स्पष्ट किया है कि वे अपने पति का समर्थन नहीं करेंगी और केवल भाजपा उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगी।
दिग्गजों ने छोड़ी पार्टी, बगावत की लहर
- प्रभाग 16 (डी) :- वार्ड अध्यक्ष गजानन निशितकर ने 30 वर्षों तक पार्टी की सेवा करने के बाद, टिकट न मिलने पर लगभग 80 कार्यकर्ताओं के साथ इस्तीफा दे दिया। उनका आरोप है कि टिकट किसी स्थानीय के बजाय दूसरे वार्ड की महिला उम्मीदवार को दिया गया है।
- प्रभाग 14 :- 6 बार के पार्षद सुनील अग्रवाल भी टिकट कटने से नाराज होकर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।
- प्रभाग 22 :- आरएसएस मुख्यालय वाले क्षेत्र से संघ से जुड़े युवा उद्यमी निनाद दीक्षित ने भी स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरा है।
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2-2 को घोषित किया अधिकृत उम्मीदवार
सूत्रों के अनुसार इच्छुकों की ओर से भले ही अब टिकट नहीं मिलने के कारण पार्टी का विरोध किया जा रहा हो, किंतु भाजपा ने अधिकृत प्रत्याशी घोषित करते समय कुछ प्रभागों में स्वयं ही 2-2 के नामों की घोषणा कर दी। प्रभाग 13ब में ऋतिका मसराम और रूपाली वरठी, 18अ में सुधीर राऊत और धीरज चव्हाण को घोषित किया।
इनमें से किसी ने भी नाम वापस नहीं लिया है जिससे आरएसएस कार्यालय के प्रभाग में ही भाजपा की बड़ी किरकिरी होती दिखाई दे रही है। इसी तरह से 22ड से श्रीकांत आगलावे और सुबोध आचार्य को टिकट दिया गया था जिसमें से सुबोध आचार्य ने नाम वापस ले लिया है। प्रभाग 31ड में मानसी शिमले और अंबिका महाडिक को टिकट घोषित किया। इसी तरह से प्रभाग 38ब में प्रतिभा राऊत और स्वप्ना हिरणवार को अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया था।
