Chhagan Bhujbal Yevla (सोर्सः सोशल मीडिया)
Chhagan Bhujbal Yeola: लाठी-काठी, दंडपट्टा, झांज-पथक, ढोल-ताशा, बैंड और पारंपरिक ‘हलकडी’ की गूँज के बीच येवला की 91 वर्षों पुरानी ऐतिहासिक ‘राजे शिवछत्रपति’ शोभायात्रा करीब दो घंटे तक चली। स्वतंत्रता-पूर्व काल से चली आ रही इस परंपरा की शुरुआत क्रांतिसिंह नाना पाटिल की प्रेरणा से हुई थी, जिसे इस वर्ष भी ‘शिवजयंती उत्सव समिति’ द्वारा भव्य और गरिमापूर्ण ढंग से आयोजित किया गया।
उत्सव की शुरुआत मंत्रोच्चार और जयघोष के बीच हुई। राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री छगन भुजबल और पूर्व सांसद समीर भुजबल ने महाराज की अर्धप्रतिमा का विधिवत पूजन कर पुष्पहार अर्पित किया। विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों द्वारा श्रीफल फोड़ने और उपस्थित शिवभक्तों को 11 किलो पेड़े वितरित करने के बाद शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ।
इस अवसर पर मंत्री छगन भुजबल ने कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज ने ‘रैयत राज्य’ स्थापित कर अठारह पगड जातियों के लोगों को एकजुट किया और सर्वधर्म समभाव का संदेश दिया। विश्व के इतिहास में कई राजा-महाराजा हुए, लेकिन शिवबा राजा का नाम साढ़े तीन सौ वर्षों बाद भी बड़े गर्व से लिया जाता है। जब तक सूरज-चांद रहेंगे, महाराज का नाम और यह जन्मोत्सव इसी शान से मनाया जाता रहेगा।”
इस दौरान पाटोले परिवार और उत्सव समिति की ओर से मंत्री छगन भुजबल, पूर्व सांसद समीर भुजबल, डॉ. शेफाली भुजबल, नपाध्यक्ष राजेंद्र लोणारी, प्रांताधिकारी बाबासाहेब गाढवे, मुख्याधिकारी तुषार आहेर और अंबादास बनकर का सत्कार सुभाष पहलवान पाटोले एवं युवराज पाटोले ने किया। कार्यक्रम का संचालन दत्ता महाले ने किया। इस अवसर पर सुभाष महाजन और धीरज परदेशी द्वारा लिखित ‘शिवजन्म इतिहास’ पत्र का विमोचन भी किया गया।