MBMC standing committee (सोर्सः सोशल मीडिया)
MBMC Standing Committee: मीरा-भाईंदर मनपा की पहली आमसभा में बुधवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच संतुलन साधते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण समितियों का गठन कर दिया गया। महापौर डिंपल मेहता ने सदन में स्थायी समिति और महिला एवं बाल कल्याण समिति के सदस्यों के नामों की औपचारिक घोषणा की। बहुमत के बल पर भाजपा का वर्चस्व स्पष्ट रूप से देखने को मिला। मनपा के कुल 95 पार्षदों में से 78 भाजपा के हैं, जबकि 13 कांग्रेस, 3 शिवसेना और 1 निर्दलीय पार्षद हैं। इसी बहुमत के आधार पर समितियों में भाजपा को अधिकतम प्रतिनिधित्व प्राप्त हुआ।
स्थायी समिति, जिसे मनपा की सबसे प्रभावशाली समिति माना जाता है, में कुल 16 सदस्यों का चयन किया गया। भाजपा के गट नेता हसमुख गहलोत द्वारा सुझाए गए 13 नामों को महापौर ने मंजूरी दी। भाजपा की ओर से शामिल प्रमुख नामों में हसमुख गहलोत, पंकज उर्फ दारोगा पांडे, दीपक सावंत, विशाल पाटिल, अनंत मांजरेकर, गणेश शेट्टी, नवीन सिंह, श्रीप्रकाश उर्फ मुन्ना सिंह, संजय थेराडे, हेतल परमार, मनोज दुबे, अनिल विरानी और मदन सिंह शामिल हैं।
वहीं विपक्ष की ओर से कांग्रेस के जय ठाकुर और अनिल सावंत तथा शिवसेना की शर्मिला बागाजी-गंडोली को समिति में स्थान दिया गया है। सदन में इन नामों की घोषणा होते ही सत्ता पक्ष के पार्षदों में उत्साह का माहौल दिखाई दिया। स्थायी समिति को वित्तीय स्वीकृतियों, विकास कार्यों की निगरानी और प्रशासनिक निर्णयों में अहम भूमिका निभानी होती है, इसलिए इसके गठन को विशेष महत्व दिया जाता है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि स्थायी समिति का सभापति कौन बनेगा। संभावना जताई जा रही है कि भाजपा के गट नेता हसमुख गहलोत को मनपा तिजोरी की चाबी मिल सकती है।
महिला एवं बाल कल्याण समिति के 9 सदस्यों में से 7 सीटें भाजपा को मिलीं, जबकि 2 सीटें मीरा-भाईंदर विकास आघाड़ी के हिस्से में आईं। भाजपा की ओर से अनीता पाटिल, रूपाली शिंदे-मोदी, स्नेहा पांडे, हेमा बेलानी, दीप्ति भट, सुरेखा सोनार और जया दत्ता के नाम प्रस्तावित किए गए। वहीं विकास आघाड़ी के नेता जय ठाकुर ने कांग्रेस की रुबीना शेख और रिजवाना खान के नाम सुझाए। महिला एवं बाल कल्याण समिति शहर में महिलाओं और बच्चों से जुड़े कल्याणकारी कार्यक्रमों, योजनाओं और सुरक्षा से संबंधित विषयों पर कार्य करेगी। समिति के गठन से सामाजिक योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
परिवहन समिति में कुल 12 सदस्यों का चयन किया जाना है। इस संबंध में महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की धारा 25(2) का उल्लेख किया गया, जिसके तहत परिवहन समिति में ऐसे व्यक्तियों को भी शामिल किया जा सकता है जो मनपा के सदस्य न हों, लेकिन प्रशासन, परिवहन, इंजीनियरिंग, औद्योगिक, वाणिज्यिक, वित्तीय या श्रम मामलों में सिद्ध अनुभव रखते हों।
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सदन में निर्णय लिया गया कि इन विशेषज्ञ सदस्यों का चयन अगली आम बैठक में किया जाएगा। यह कदम मनपा के परिवहन उपक्रम को सशक्त और व्यावसायिक दृष्टिकोण से सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मनपा में स्पष्ट बहुमत होने के कारण भाजपा की पकड़ मजबूत है, लेकिन विपक्ष की सीमित भागीदारी से लोकतांत्रिक संतुलन बनाए रखने का प्रयास भी दिखाई देता है। आने वाले समय में इन समितियों के माध्यम से शहर के विकास कार्यों की दिशा तय होगी।