नागपुर मनपा का करोड़ों रुपए का बजट पेश! बड़े-बड़े सपनों के बीच कर्ज और सरकारी मदद के भरोसे निरंतर विकास
Nagpur Budget 2026-27: मनपा ने 2026-27 के लिए महत्वाकांक्षी बजट पेश किया। शिक्षा, परिवहन, पर्यटन और उद्यानों पर फोकस है, लेकिन योजनाओं का बड़ा हिस्सा सरकारी मदद और कर्ज पर निर्भर रहेगा।
- Written By: अंकिता पटेल
मनपा बजट,नागपुर विकास(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur NMC Budget Urban Development: नागपुर जिले में स्थायी समिति ने शहर के समग्र और शाश्वत विकास को ध्यान में रखते हुए आगामी वित्तीय वर्ष (2026-27) के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी और विस्तृत बजट पेश किया है। इस बजट में शिक्षा को आधुनिक बनाने, शहर की परिवहन व्यवस्था को सुधारने, उद्यानों के कायाकल्प और सिटी को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए भले ही करोड़ों रुपये का प्रावधान किया गया हो, लेकिन बजट का अधिकांश हिस्सा सरकार से मिलने वाली मदद और कर्ज पर निर्भर होगी।
पर्यावरण और उद्यानों के कायाकल्प के लिए 105 करोड़ रुपये
उद्यान विकासः सिटी के उद्यानों के निर्माण और मरम्मत के लिए 95 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अमृत महोत्सव के तहत 75 नए पार्कों का निर्माण और जीर्णोद्धार होगा, जिनमें ‘वेस्ट टू वंडर’, रॉक गार्डन, आयुर्वेदिक और गणितीय उद्यान जैसे विशेष थीम बेस्ड पार्क शामिल है।
अंबाझरी तालाब के लिए 10 करोड़
जलकुंभी से पटे पड़े ऐतिहासिक अंबाझरी तालाब की विशेष सफाई और मजबूती के लिए 10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। सोनेगांव और गांधीसागर तालाब के जीर्णोद्धार का काम भी प्रगति पर है। हरित पहल शहर में 5 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। जीरो कार्बन फुटप्रिंट की दिशा में कदम बढ़ाते हुए 5000 ‘इलेवट्रिक सोलर स्टोव’ बाटे जाएंगे।
सम्बंधित ख़बरें
संपत्ति के लिए हुई हत्या, चंद्रपुर में बेटे-बहू ने बेरहमी से पिता को मारा, अरोपी फरार
Mumbai Vadhvan Expressway को मिली रफ्तार, MMRDA ने शुरू की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया
पुणे-नासिक हाईवे चौड़ीकरण के लिए विधायक महेश लांडगे की मांग: PCMC और PMRDA से अंतरिम फंड देने का आग्रह
‘दामाद नहीं, बेटा था केतन…’, सिया के पिता का बड़ा बयान, चेतन संग बेटी के रिश्ते से किया इनकार
परिवहन तंत्र होगा मजबूत, 190 करोड़ रुपये का अनुदान
शहर की परिवहन व्यवस्था को सुधारने के लिए 190 करोड़ रुपये का अनुदान प्रस्तावित है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की पहल से शहर को 25 ‘आर्टिकुलेटेड इलेक्ट्रिक बसें मिलेगी, जिनमें एक साथ 130 यात्री सफर कर सकेंगे, ये बसें आंतरिक रिंग रोड पर चलेंगी और बस स्टॉप पर ही इनके फास्ट चार्जिंग की सुविधा होगी।
बाहरी बसों के कारण होने वाले ट्रैफिक जाम को रोकने के लिए ‘कॉमन मोबिलिटी प्लान’ के तहत शहर के बाहर डिपो बनेंगे और मनपा फीडर सेवा देगी, मोर भवन बस स्टैंड को बीओटी (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर) की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
नागपुर पर्यटन और संस्कृति को लगेंगे पंख
ऐतिहासिक स्मारकों और चौकों के सौंदर्याकरण तथा अत्याधुनिक लाइटिंग के लिए 17 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
75 से 100 प्रमुख चौकों पर QR कोड के माध्यम से पर्यटकों को ऑडियो-विजुअल जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विश्व प्रसिद्ध ‘माबंत महोत्सव’ को प्रमोट किया जाएगा और 7 दिवसीय ‘सावजी और बुनकर महोत्सव’ का आयोजन किया जाएगा। सभी होटलों की ग्रेडिंग अनिवार्य होगी और हर होटल में पर्यटकों की सुविधा के लिए ‘VisitNagpur’ नाम की आधिकारिक गाइडबुक रखी जाएगी।
शिक्षा और ग्रंथालयों के लिए 89 करोड़ रुपये का बड़ा प्रावधान
शिक्षा का आधुनिकीकरण: शिक्षा विभाग के लिए 26-27 में 71 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। महानगर पालिका के 100% स्कूलों का डेटा डिजिटल किया जाएगा और अंग्रेजी स्कूलों में सेमी-अंग्रेजी पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा।
छात्राओं को सौगात और आर्थिक साक्षरता
7वीं से 10वीं कक्षा तक की सभी छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी पैड वितरित किए जाएंगे ताकि मासिक धर्म के दौरान स्कूलों में उनकी अनुपस्थिति कम हो सके। साथ ही सभी छात्रों को मुफ्त यूनिफॉर्म और बचपन से ही पैसों के प्रबंधन की सीख देने के लिए पाठ्यक्र में ‘वित्तीय साक्षरता’ को शामिल किया जाएगा।
अत्याधुनिक ई-लाइब्रेरी
ग्रंथालय विभाग के लिए 18 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
शहर के 6 विधानसभा क्षेत्रों में 6 नई लाइब्रेरी बनेंगी और जीर्ण समाज भवनों को ई-लाइब्रेरी व वरिष्ठ नागरिकों के लिए मनोरंजन केंद्र में बदला जाएगा। मेडिकल छात्रों के लिए पश्चिम विधानसभा में ‘डॉ. हेडगेवार ई-लाइब्रेरी’ का आधुनिकीकरण किया जाएगा, जिसमें एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी और नेचुरोपैथी का साहित्य मिलेगा।
युवाओं, महिलाओं और मजदूरों के लिए विशेष योजनाएं
सूक्ष्म स्वराज योजना युवाओं को बेहद कम फीस पर UPSC और MPSC परीक्षाओं की कोचिंग दी जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय भाषा केंद्र ‘प्रमिलाताई मेढ़े अंतरराष्ट्रीय भाषा शिक्षण केंद्र’ में युवाओं को जापानी, जर्मन और फ्रेंच भाषाओं का प्रशिक्षण मिलेगा।
स्टार्टअप इनक्यूबेशन युवाओं के लिए नागपुर में ‘जमशेदजी टाटा इनक्यूबेशन सेंटर’ स्थापित किया जाएगा।
मजदूरों के लिए ‘ठिया’
45 डिग्री की चिलचिलाती धूप और बारिश से बचाने के लिए 10 जोनों में निर्माण कार्य करने वाले मजदूरों के लिए सुरक्षित ‘दिया’ (शेल्टर) बनाए जाएंगे। महापौर माहेर योजना मकर संक्रांति (14 जनवरी) के अवसर पर नागपुर की उन बेटियों को आमंत्रित और सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने बाहर जाकर विभिन्न क्षेत्रों में नाम कमाया है।
महापौर महिला स्वावलंबन बाजार: महिला उद्यमियों को स्थायी बाजार उपलब्ध कराकर उन्हें स्वावलंबी बनाया जाएगा।
एआई चैटबॉट और 50 लाख का इनाम
नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए टैक्स और पानी के बिलों से जुड़ा AI आधारित ऑडियो-टेक्स्ट चैटबॉट लॉन्च किया जाएगा। शहर के महत्वपूर्ण डेटा को सुरक्षित रखने के लिए महानगर पालिका अपना खुद का अत्याधुनिक डेटा सेंटर भी बनाएगी। इसके अलावा ‘मेरा प्रभाग, वाइब्रेट प्रभाग’ योजना के तहत कर वसूली और स्वच्छता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रभाग को डिजिटल अपग्रेडेशन के लिए 50 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।
टैक्स संकलन और डिजिटल पहल
जीएसटी अनुदान के माध्यम से मनपा को 1913 करोड़ रुपये और स्थानीय करों से एक करोड रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है। संपत्ति कर से 359 करोड़ रुपये की आय का लक्ष्य रखा गया है। शहर की 6.76 लाख संपत्तियों और जमीनों को जियो-इनेबल किया गया है। 16,992 नई संपत्तियों और 10,628 पुनर्विकसित संपत्तियों का कर निर्धारण होने से राजस्व में 21.36 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।
पीओएस मशीन से घर-घर वसूली
कर संकलन को आसान बनाने के लिए 100 टैक्स कलेक्टरों को पीओएस (POS) मशीने दी जाएंगी ताकि वे घर-घर जाकर सीधे डिजिटल तरीके से टैक्स वसूल सकें। यह सुविधा भविष्य में नगरसेवकों को भी उपलब्ध कराई जाएगी।
अब नहीं काटने होंगे जोन ऑफिस के चक्कर
जलप्रदाय विभाग के तहत शहर में 4.5 लाख नल कनेक्शन, 106 पानी की टंकियां और 4650 किलोमीटर लंबी वितरित पाइपलाइन का जाल है, जिससे 285 करोड़ रुपये की आय प्रस्तावित है। नागरिकों की सुविधा के लिए एक नई पहल की जा रही है, जिसके तहत संपत्ति कर और पानी के बिल के संयुक्त संकलन के लिए एक एजेंसी नियुक्त की जाएगी। ई-वॉलेट के माध्यम से नागरिक अपने घर के पास ही कर भर सकेंगे और उन्हें टैक्स भरने के लिए जोन ऑफिस जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
शहर का नया विकास प्लान
नगर रचना विभाग द्वारा वर्ष 2000 के बाद दूसरी बार शहर की विकास योजना को संशोधित किया जा रहा है। इसके तहत मौजूदा भूमि उपयोग का नक्शा एक निजी एजेंसी द्वारा तैयार किया गया है और शासन द्वारा मंजूर विशेष इकाई इसकी जांच कर रही है। इसमें कुड़केश्वर इलाके को भी समाविष्ट किया गया है।
यह भी पढ़ें:-नागपुर मनपा का हजारों करोड़’ का बजट: दावों की झड़ी के बीच जनता का बड़ा सवाल-घोषणाएं तो ठीक, पर काम कब होगा?
अधिकारियों में इच्छा शक्ति ही नहीं
शहर में आग लगने की लगातार घटनाओं के बावजूद खतरनाक इमारतों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नोटिस जारी करने का दिखावा तो चल रहा है लेकिन असल कार्रवाई नाममात्र की ही हुई। यहां तक कि हाई कोर्ट द्वारा अवैध लॉन के लिए फटकार लगाए जाने के बाद भी स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया। नागरिकों का मानना है कि जिम्मेदार अधिकारियों में काम करने की इच्छा शक्ति ही नहीं है।
