फायर नियमों की धज्जियां: नागपुर के इतवारी-गांधीबाग में छतों पर अवैध गोदाम, आग लगी तो राख हो सकता है पूरा बाजार
Nagpur Gandhibagh Market: नागपुर शहर के इतवारी और गांधीबाग की इमारतों की छतों पर बने अवैध गोदाम बड़े अग्नि जोखिम का कारण बन रहे हैं। फायर नियमों की अनदेखी से बाजार और लोगों की जान खतरे में है।
- Written By: अंकिता पटेल
इतवारी बाजार, गांधीबाग मार्केट, अवैध गोदाम, फायर सेफ्टी,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Illegal Godowns: नागपुर शहर के इतवारी व गांधीबाग जैसे सबसे बड़े मार्केट क्षेत्र की बिल्डिंगों की छतों पर व्यापारियों द्वारा अवैध रूप से प्रोफाइल शीट से गोदामों का निर्माण कर उनमें कपड़ा, प्लास्टिक, फर्नीचर के साथ-साथ ऑयल पेंट को डम्प किया जा रहा है। फायर विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए तैयार किये गये ये गोदाम कभी आग लगने पर तांडव मचा सकते हैं।
इतवारी की तंग गलियों में फायर ब्रिगेड नहीं जाने से ये गोदाम एक ही झटके में पूरे मार्केट को राख कर सकते हैं। इस तरह की जानकारी होने के बावजूद व्यापारियों द्वारा इनके निर्माण में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
यहां मार्केट के साथ बिल्डिंगों में नागरिक भी रहते हैं। इससे जहां मार्केट का नुकसान हो सकता है, वहीं जनहानि भी हो सकती है। पूरे इतवारी और गांधीबाग क्षेत्र में देखें, तो काफी अधिक गोदाम बने हुए हैं। यहां के जोन और रचना विभाग के अधिकारियों को यह सब दिखने के बावजूद भी वे इस पर मौन साधे हुए हैं।
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कई बार हो चुकी हैं घटनाएं
एक छोटी सी चिंगारी भी रूफटॉप गोदाम के साथ-साथ पूरे मार्केट के लिए भारी पड़ सकती है। कई बार आग लगने की घटनाएं होने के बावजूद व्यापारियों द्वारा किसी तरह का कोई सबक नहीं लिया जा रहा है।
इतवारी और गांधीबाग में पूरे मार्केट की दुकाने एक-दूसरे से सटी हुई है। यहां पर सुबह से ही लोगों की भीड़ होना शुरू हो जाती है। दोपहर 12 बजे से लेकर रात में 8-9 बजे के बीच खरीदार जमकर उमड़ते हैं।
कुछ अनहोनी होने पर तंग गलियों के चलते लोगों को भागना मुश्किल हो सकता है। इन सभी बातों का यहां पर किसी तरह का कोई विचार नहीं किया जा रहा है,
अनहोनी के इंतजार में लापरवाह प्रशासन
मार्केट में एक बाद एक नियमों का उल्लंघन कर निर्माण होने वाली दुकानें और गोदामों को लेकर लापरवाह प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी के इंतजार में है। मार्केट में देखा जाए, तो आग पर नियंत्रण पाने के लिए किसी तरह की कोई सुविधा नहीं है।
इसके बाद भी प्रशासन मार्केट की तरह अनदेखी कर कुंभकर्णी नींद में सो रहा है। 80-90 वर्ष पुराने इस मार्केट में वर्तमान में नगर रचना विभाग और दमकल के नियमों को ताक पर रखकर दुकानों के निर्माण किये जाने से इतवारी पूरी तरह से भर गया है। इसके चलते यहां की गलियां संकरी हो गई हैं।
अधिकारी कर सकते हैं कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, इमारतों के गलत उपयोग व अवैध निर्माण को लेकर जोन और नगर रचना विभाग के अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की जा सकती है, दमकल विभाग के अधिकारी शिकायत मिलने पर संबंधित स्थल का मुआयना कर जोन कार्यालय को जानकारी देकर कार्रवाई के लिए कह सकते हैं।
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इसमें कुछ मामलों की शिकायतें दमकल विभाग ने जोन कार्यालय से की भी है, लेकिन जोन के अधिकारियों और व्यापारियों की साठगांठ से कार्रवाई नहीं होती, वहीं दमकल विभाग उन्हीं बिल्डिंगों को पनओसी देता है, जो नियमानुसार बनी हुई हैं। इसके चलते यहां की कई बिल्डिंगों को दमकल विभाग द्वारा एनओसी नहीं दिया गया है।
