शाह-शिंदे की मुलाकात के रणनीतिक मायने, महायुति में अब नहीं होगा दलबदल, बावनकुले ने खोले पत्ते!

Amit Shah Meeting: निकाय चुनाव से पहले महायुति में तोड़फोड़ पर लगाम; समन्वय समिति ने तीनों दलों में एक-दूसरे के कार्यकर्ताओं के प्रवेश पर रोक लगाई, बावनकुले का बयान।
Amit Shah Meeting: निकाय चुनाव से पहले महायुति में तोड़फोड़ पर लगाम; समन्वय समिति ने तीनों दलों में एक-दूसरे के कार्यकर्ताओं के प्रवेश पर रोक लगाई, बावनकुले का बयान।
अमित शाह-चंद्रशेखर बावनकुले-एकनाथ शिंदे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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BJP Maharashtra: निकाय चुनावों के पूर्व महायुति में शामिल तीनों घटक दल भाजपा, शिंदे सेना और राकां अजीत पवार गुट में आपस में तोड़फोड़ चल रही है। तीनों पार्टियां एक-दूसरे के कार्यकर्ताओं को अपने दलों में प्रवेश दे रहे हैं जिससे महायुति के आलानेताओं में ही नाराजगी के सुर हैं।

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने हालांकि बताया कि समन्वय समिति ने एक-दूसरे के दलों में प्रवेश रोकने का निर्णय लिया है, लेकिन टिकट नहीं मिलने पर कुछ कार्यकर्ता दल बदलते हैं। मेरे कामठी विधानसभा क्षेत्र में भी यही हुआ। महायुति में कोई गड़बड़ नहीं है। अब तीनों दल एक-दूसरे के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को अपने-अपने दल में प्रवेश नहीं देंगे।

क्या बोले बावनकुले?

डोंबिवली में हुए प्रवेश पर उन्होंने कहा कि टिकट नहीं मिलने के बाद कार्यकर्ता इधर-उधर जाते हैं। इस मामले में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पास जाने की कोई संभावना नहीं है। यदि कोई शिकायत होगी तो वे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास नहीं, बल्कि मेरे पास आएंगे। वे नागपुर में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।

जीत की रणनीति के लिए शाह-शिंदे की मुलाकात

बावनकुले ने दावा किया कि गृह मंत्री शाह और डीसीएम शिंदे की मुलाकात किसी तरह की नाराजगी को लेकर नहीं बल्कि महायुति की जीत की रणनीति व प्रशासकीय समन्वय के लिए थी। कार्यकर्ताओं की तोड़फोड़ के लिए नाराजगी की खबरें कपोल कल्पित हैं। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं दो दिन पहले एकनाथ शिंदे से मिला था। वे कहीं भी नाराज़ नहीं थे। एनडीए में नेता नियमित रूप से एक-दूसरे से मिलते रहते हैं। महायुति को 51 प्रतिशत मतों से जीत दिलाने के लिए ही यह चर्चा हुई थी।

ओबीसी आरक्षण कायम रहना चाहिए

ओबीसी आरक्षण पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 31 जनवरी तक चुनाव कराने के आदेश दिए हैं। ओबीसी का 27 प्रतिशत आरक्षण कायम रहना चाहिए, यही हमारी स्पष्ट भूमिका है। पुणे भूमि घोटाले की जांच पर उन्होंने कहा कि राजेंद्र मुठे समिति अस्तित्व में ही नहीं थी।

स्थानीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिक कार्रवाई की गई। अब विकास खारगे की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट निर्णायक होगी। लेन-देन रद्द करने और दोषियों पर कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार कटिबद्ध है। 42 करोड़ की नोटिस दी गई है। इसमें से कोई भी बच नहीं पाएगा।

कांग्रेस नेताओं में समन्वय नहीं

नागपुर कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद संबंधी सवाल पर कहा कि वडेट्टीवार, पटोले, केदार के बीच कोई समन्वय नहीं है। इसलिए कांग्रेस कार्यकर्ता भ्रमित होकर बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। 2029 में कांग्रेस महाराष्ट्र की सबसे छोटी पार्टी बन जाएगी।

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