- Hindi News »
- Maharashtra »
- Nagpur »
- Mahavitran Implementation Of Mesma Electricity Workers Out Of Work 72 Hours
‘मेस्मा’ लागू होने के बावजूद बिजली कर्मियों का काम बंद, 72 घंटे रहेगा काम ठप, निजीकरण का कड़ा विरोध
Nagpur News: महाराष्ट्र राज्य बिजली कर्मचारी, अभियंता अधिकारी, कृति समिति के बैनर तले शुरू की गई इस 72 घंटे की हड़ताल में पहले दिन जिले के 80 फीसदी कर्मी शामिल हुए और विरोध प्रदर्शन किया।
- Written By: प्रिया जैस

महावितरण हड़ताल (सौजन्य-नवभारत)
Mahavitran: बिजली कंपनियों महावितरण, महानिर्मिति व महापारेषण के निजीकरण, टोरंट, अदाणी आदि कंपनियों को समानान्तर बिजली वितरण व्यवस्था सौंपने के विरोध में एवं अन्य विविध मांगों को लेकर राज्यभर के करीब 1 लाख कर्मचारी, अभियंता व अधिकारियों सहित 42,000 कॉन्ट्रैक्ट बेस पर कार्यरत कर्मचारियों ने बुधवार की रात 12 बजे से 3 दिनों की ‘काम बंद हड़ताल’ शुरू कर दी है।
महाराष्ट्र राज्य बिजली कर्मचारी, अभियंता अधिकारी, कृति समिति के बैनर तले शुरू की गई इस 72 घंटे की हड़ताल में पहले दिन जिले के 80 फीसदी कर्मी शामिल होने का दावा किया गया है। नागपुर विद्युत भवन काटोल रोड के समक्ष सैकड़ों की संख्या में कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।
मेस्मा लगाने का बताया कारण
पदाधिकारी मोहन शर्मा ने कहा कि संयम व शांति से शुरू की गई हड़ताल में फूट डालने के उद्देश्य से सरकार ने ‘मेस्मा’ लगाया है। उन्होंने अपील की कि व्यवस्थापन की ओर से नौकरी से निकालने, सेवा खंडित करने व वेतन काटने की धमकियों से न डरते हुए हड़ताल में शामिल हों। पहले दिन हजारों कर्मी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि शेष 20 फीसदी भी इसमें शामिल होकर सहयोग करें।
सम्बंधित ख़बरें
भंडारा: पांच दिवसीय कार्य सप्ताह बेअसर: बायोमेट्रिक हाजिरी के बाद कर्मचारी नदारद, नागरिक सेवाएं ठप
होली स्पेशल: कोंकण के लिए चलेंगी 20 अतिरिक्त ट्रेनें; एलटीटी-मडगांव और दिवा-चिपलुन के बीच मिलेगी विशेष सेवा
मुंबई ईस्ट-वेस्ट लिंक वाले बेलासिस पुल का देवेंद्र फडणवीस ने किया उद्घाटन, बदला नाम, जानिए खास बातें
अजित पवार विमान हादसा: विधान परिषद सभापति ने सरकार को दिए तथ्य पेश करने के निर्देश; CBI जांच और FIR की मांग
कंपनी का अस्तित्व बचाना है
शर्मा ने कहा कि यह हड़ताल कोई आर्थिक मांग के लिए नहीं बल्कि बिजली उद्योग के निजीकरण के खिलाफ और सरकारी कंपनियों के अस्तित्व को बचाने के लिए है। 11 अक्टूबर की रात 12 बजे तक काम बंद हड़ताल जारी रहेगी। 7 संगठनों द्वारा जल विद्युत प्रकल्पों को बीओटी तत्व पर निजी कंपनियों को देने, महावितरण के अधिकार क्षेत्र के 329 उप केन्द्रों को ठेका पद्धति से देने, महापारेषण कंपनी के 200 करोड़ रुपयों के ऊपर के सभी प्रकल्पों को निजी कंपनियों को टीबीसीबी के माध्यम से देने, बिजली कंपनियों को शेयर मार्केट में निवेश और महावितरण की त्रुटिपूर्ण पुनर्रचना के प्रस्ताव के खिलाफ हड़ताल की जा रही है। साथ ही 1 लाख कर्मचारी, अभियंता व अधिकारियों को पेंशन योजना लागू करने की मांग भी रखी गई है।
और 2 संगठनों का समर्थन
हड़ताल को इंटक फेडरेशन और महाराष्ट्र राज्य विद्युत कर्मचारी सेना इन 2 संगठनों ने भी समर्थन घोषित किया। जिले के सभी कर्मचारी 11 अक्टूबर तक विद्युत भवन के समक्ष सभा, प्रदर्शन व धरना आंदोलन करेंगे। सभा को कृति समिति के पीवी नायडू, सुशांत श्रृंगारे, प्रकाश निकम, राजेश पोफली, राहुल लांजेवार, अविनाश आचार्य, विजय क्षीरसागर (इंटक) ने भी मार्गदर्शन किया। संचालन सुभाष मुले ने किया।
यह भी पढ़ें – Gold-Silver Rate: उफान पर चांदी, सोने को पछाड़ा, जानें क्या है कीमतों में तेजी की असली वजह
हड़ताल अवैध, तुरंत काम पर लौटें
इधर, महावितरण के मानव संसाधन संचालक राजेन्द्र पवार ने कहा है कि बिजली अनिवार्य सेवा है और नागरिकों को असुविधा न हो इसलिए महाराष्ट्र अत्यावश्यक सेवा परिरक्षक अधिनियम यानी ‘मेस्मा’ लागू गया किया है जिसके अनुसार यह हड़ताल गैर कानूनी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में अतिवृष्टि व बाढ़ का संकट चल रहा है।
सभी सरकारी यंत्रणा युद्ध स्तर पर कार्यरत हैं। दिवाली का त्योहार भी कुछ दिनों में है। उन्होंने अपील की कि हालातों को देखते हुए सभी कर्मचारी अपना कर्तव्य निभाने के लिए बिना कोई देर किए काम पर लौटें। उन्होंने बाढ़ व त्योहारों के चलते नागरिकों का सहयोग करने की अपील हड़ताल कर रहे संगठनों से की।
Mahavitran implementation of mesma electricity workers out of work 72 hours
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
सिर्फ टाइमपास नहीं, कमाई का भी जरिया, AI ऐप्स का तूफान, ChatGPT डाउनलोड करने में भारत बना नंबर-1
Feb 27, 2026 | 03:31 AMToday Horoscope 27 February: शुक्रवार को इन 3 राशियों पर होगी धन की वर्षा! जानें अपनी राशि का हाल
Feb 27, 2026 | 12:05 AMहार कर भी ‘बाजीगर’ बना जिम्बाब्वे का ये बल्लेबाज, बुमराह को जड़ा कोहली जैसा छक्का, खेली 97 रन की नाबाद पारी
Feb 26, 2026 | 11:56 PMजिम्बाब्वे पर भारत की जीत से साउथ अफ्रीका को हुआ फायदा, T20 WC 2026 के सेमीफाइनल में पहुंची प्रोटियाज टीम
Feb 26, 2026 | 11:11 PMचेपॉक में भारत ने भरी सेमीफाइनल के लिए हुंकार, अभिषेक-हार्दिक ने जिम्बाब्वे को दिया जख्म, 72 रन से चटाई धूल
Feb 26, 2026 | 10:35 PMअसम के ‘फायरब्रांड’ सीएम की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, हेट स्पीच के मामले में सरमा के साथ लपेटे में आई भारत सरकार
Feb 26, 2026 | 10:18 PMIND vs WI: टीम इंडिया की ताकत देख डरे शाई होप? बोले- सेमीफाइनल के लिए हमें ऐसा करना ही होगा
Feb 26, 2026 | 10:17 PMवीडियो गैलरी

PM मोदी का इजराइल दौरा: एयरपोर्ट पर ‘केसरिया’ पर हुई दिलचस्प चर्चा, नेसेट में आतंकवाद पर कड़ा प्रहार
Feb 26, 2026 | 01:54 PM
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का पलटवार: ‘हिस्ट्रीशीटर’ शिकायतकर्ता और AI के खेल का पर्दाफाश! क्या ये साजिश है?
Feb 26, 2026 | 01:43 PM
वाराणसी मणिकर्णिका घाट पर मसान होली पर विवाद: डोम राजा परिवार ने दी दाह संस्कार रोकने की चेतावनी
Feb 26, 2026 | 01:28 PM
आस्था के सागर में डूबा उज्जैन, 1.31 करोड़ के नोटों से सजा बुद्धेश्वर महादेव मंदिर, दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
Feb 26, 2026 | 12:42 PM
मालेगांव सरकारी दफ्तर में नमाज पर भड़के नितेश राणे, मदरसों को लेकर दिया विवादित बयान, देखें VIDEO
Feb 25, 2026 | 06:35 PM
टिकट काटने वाले काट रहे गरीबों की जेब! आनंद बिहार रेलवे स्टेशन पर टिकट बाबू ने किया गजब का कांड, देखें-VIDEO
Feb 25, 2026 | 05:54 PM














