1000 करोड़ खर्च हुए तो अंधेरा क्यों? पश्चिम नागपुर में बिजली संकट पर बवाल, महावितरण का घेराव

Nagpur Power Cut: नागपुर, खासकर पश्चिम क्षेत्र में लगातार बिजली गुल होने से नागरिक परेशान हैं। कांग्रेस विधायक विकास ठाकरे ने महावितरण अधिकारियों का घेराव कर 24x7 बिजली आपूर्ति की मांग की।
If ₹1,000 Crores Were Spent, Why Is There Darkness? Uproar Over Power Crisis in West Nagpur; Mahavitaran Gheraoed.
बिजली संकट, पश्चिम नागपुर,(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
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Nagpur Electricity Crisis: नागपुर शहर में खासकर पश्चिम नागपुर में रोज ही बिजली गुल की समस्या से नागरिक त्रस्त हो गए हैं। कांग्रेस विधायक विकास ठाकरे के नेतृत्व में समस्या के निराकरण की मांग को लेकर महावितरण के मुख्य अभियंता दिलीप दोडके का घेराव किया गया। ठाकरे ने कहा कि भीषण गर्मी की चपेट में लोग परेशान हो रहे हैं, उस पर रोज ही बिजली गुल की जा रही है।

विशेषकर पश्चिम नागपुर के नागरिकों को भीषण बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जीरो लोडशेडिंग के नाम पर शहरवासियों से अतिरिक्त शुल्क की वसूली की जा रही है, फिर भी अंधेरा पसरा रहता है। उन्होंने 24X7 अबाधित बिजली आपूर्ति की मांग की अन्यथा उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।

इस अवसर पर कांग्रेस के सभी नगरसेवक, पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कहां गए 1,000 करोड़ रुपये ठाकरे ने कहा कि बीते 2 वर्षों में सिटी के बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर पर 1,000 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा महावितरण द्वारा किया गया है तो फिर बिजली गुल कैसे हो रही है। अपनी कमी को छिपाने के लिए रोज ही मेंटेनेंस के नाम पर 4 घंटे लोडशेडिंग की जा रही है। यह जनता के साथ धोखाधड़ी है। नागपुर जिले में महानिर्मिति की 3,530 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता है जो जिले की जरूरत से 4 गुना अधिक है।

विफल रही है महावितरण

कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि बिजली व्यवस्था सुधारने में महावितरण पूरी तरह असफल रही है। पूरी व्यवस्था चरमराई हुई है। अधिक भार वाले ट्रांसफॉर्मरी का सही सर्वेक्षण करने में महावितरण विफल रही है। साथ ही ट्रांसफॉर्मरी और सब-स्टेशनों के इंटरकनेक्शन, कम ऊंचाई वाली खतरनाक बिजली लाइनों कर स्थानांतरण, रखरखाव और मरम्मत के कार्य समय पर न होने से स्थिति और गंभीर बन गई है।

हल्की बारिश या मामूली हवा चलने पर भी कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। इससे महावितरण की बिजली व्यवस्था की क्षमता, योजना और रखरखाव प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे है।

नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के फोन का संबंधित अभियंता जवाब नहीं दे रहे है जिससे जनता में भारी रोष का वातावरण है। पिछले 2 वर्षों में किए गए सभी बिजली कार्यों, खर्च और बार-बार होने वाली बिजली कटौती के कारणों की उच्च स्तरीय जांच की मांग उन्होंने की, तुरंत स्थिति में सुधार नहीं किया तो पश्चिम नागपुर के नागरिकों को साथ लेकर उग्र जन आंदोलन की चेतावनी उन्होंने दी।

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