महावितरण की ग्राहक सेवा होगी और मजबूत, आज से शुरू होगी पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत
Nagpur: मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने इसे मंजूरी दी है जिसके तहत शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राहक संख्या के अनुसार अभियंता व कर्मचारियों के पद बढ़ाए जाएंगे।
- Written By: प्रिया जैस
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Nagpur News: महावितरण की ग्राहक सेवा को और तत्पर व गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए राज्य सरकार ने निर्णायक कदम उठाया है। राज्यभर में 103 नये कार्यालय खोले जाएंगे व 876 नये पदों का निर्माण किया जाएगा। इससे वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों के कार्यभार में कमी आएगी व कार्यप्रणाली में सुधार आएगा। इसके लिए महावितरण के अंतर्गत सीधे ग्राहक सेवा देने वाले उपविभाग और शाखा कार्यालयों का पुनर्गठन किया गया है।
इस पायलट प्रोजक्ट की शुरुआत 1 अक्टूबर से शुरू होगी व आने वाले एक महीने में कामकाज की समीक्षा की जाएगी। उसके बाद 1 नवंबर से इसे राज्यभर में लागू किया जाएगा। इस प्रक्रिया के दौरान बिजली ग्राहकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी क्षेत्रीय मुख्य अभियंताओं को आवश्यक उपाय करने के अधिकार दिए गए हैं।
25 वर्ष पुरानी संरचना में बदलाव
महावितरण की ओर से बताया गया कि उसके 16 परिमंडलों में वर्तमान में 147 विभाग, 652 उपविभाग, 3,274 शाखा कार्यालय और 4,188 उपकेंद्र हैं। इनमें लगभग 44,000 अभियंता और तकनीकी कर्मचारी कार्यरत हैं। इन उपविभाग और शाखा कार्यालयों के माध्यम से नई बिजली कनेक्शन, मासिक बिलिंग, मरम्मत, रखरखाव, तकनीकी खराबियों की सुधार, बकाया वसूली और लाइन लॉस नियंत्रण जैसे कार्य किए जाते हैं।
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- 103 नये कार्यालय खुलेंगे राज्यभर में
- 876 नये पदों का होगा निर्माण
यह संरचना लगभग 25 वर्ष पुरानी है और उस समय की ग्राहक संख्या के आधार पर तैयार की गई थी। अब ग्राहकों की संख्या कई गुना बढ़ गई जिसके चलते कर्मचारियों पर भारी बोझ पड़ रहा था। बीते 10 वर्षों से कर्मचारी संगठनों द्वारा काम का विभाजन कर जिम्मेदारियां बांटने की मांग की जा रही थी। इसके लिए विशेष समिति बनाकर कर्मचारियों और संघों से चर्चा कर एक पुनर्गठन प्रारूप तैयार किया गया है।
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पुनर्गठन के प्रमुख बिंदु
- पुनर्गठन में 2 नये विभाग, 37 उपविभाग और 30 नई शाखा कार्यालय बनाए गए हैं।
- 876 नये अभियंता और तकनीकी पदों का निर्माण किया गया है।
- मौजूदा पदों में कोई कटौती नहीं की गई है और आरक्षण या संरचना पर असर नहीं पड़ेगा।
- परिमंडल, मंडल कार्यालय और अन्य विभाग इस पुनर्रचना में शामिल नहीं हैं।
- विभागीय कार्यालयों की संख्या नहीं बढ़ाई गई लेकिन उनमें 10 सदस्यीय रखरखाव और मरम्मत टीम बनाई गई है।
- ये टीम विभाग के सभी उप केंद्र और 33 केवी लाइनों की देखभाल और मरम्मत का कार्य देखेगी।
- कम ग्राहक संख्या वाले नंदुरबार, वाशिम, पालघर, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, गड़चिरोली, गोंदिया आदि 35 उपविभाग को इससे अभी अलग रखा गया है।
- अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावित बीड, नांदेड़, धाराशिव और सोलापुर जिलों में यह पुनर्रचना बाढ़ से प्रभावित बिजली व्यवस्था के पुनर्निर्माण के बाद लागू की जाएगी।
