पुणे में कांग्रेस प्रवक्ता पर हमला (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune Congress Spokesperson Attacked News: महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी पुणे में राजनीतिक बहस अब सड़कों पर हिंसक रूप लेने लगी है। एक न्यूज़ चैनल की डिबेट के बाद कांग्रेस प्रवक्ता हनुमंत पवार पर हुए कथित हमले ने शहर में तनाव पैदा कर दिया है। इस मामले को लेकर मंगलवार को कांग्रेस के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार से मुलाकात की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
घटना सोमवार की है, जब स्वारगेट इलाके में एक मराठी समाचार चैनल के कार्यालय के बाहर टीवी डिबेट चल रही थी। कांग्रेस की पुणे इकाई के प्रवक्ता हनुमंत पवार का आरोप है कि चर्चा के दौरान हुए विवाद के बाद दक्षिणपंथी कार्यकर्ता तुषार दामगुडे और उनके पांच सहयोगियों ने उन पर हमला कर दिया। पवार ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि दामगुडे ने न केवल उनके साथ मारपीट की, बल्कि रिवॉल्वर दिखाकर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।
पुणे पुलिस ने इस मामले में तुषार दामगुडे और पांच अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। हालांकि, कांग्रेस नेता इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। कांग्रेस नेता प्रशांत जगताप ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “हमने पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय सिर्फ नोटिस देकर छोड़ दिया, जो बेहद आपत्तिजनक है।”
मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेताओं ने हाल ही में कांग्रेस भवन के बाहर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प का भी हवाला दिया। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रमुख से आग्रह किया कि शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तत्काल एक ‘सर्वदलीय बैठक’ बुलाई जानी चाहिए।
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दूसरी ओर, तुषार दामगुडे ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि डिबेट के दौरान पवार ने उनके खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। दामगुडे ने स्वीकार किया कि उनके पास लाइसेंसी बंदूक है, लेकिन उन्होंने रिवॉल्वर तानने या धमकाने के दावे को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि विवाद पवार की भाषा के कारण शुरू हुआ था। वर्तमान में पुणे पुलिस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों की जांच कर रही है।