शिक्षा का अधिकार (सौजन्य-सोशल मीडिया)
High Court Nagpur RTE Order: राज्य में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हजारों अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। इस मामले पर मंगलवार को सुनवाई के बाद न्यायाधीश अनिल किल्लोर और न्यायाधीश राज वाकोडे ने आरटीई प्रवेश के लिए आवेदन करने की समय सीमा को 3 दिन बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। यह निर्णय तकनीकी समस्याओं और जानकारी के अभाव के कारण आवेदन न कर पाने वाले परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगा।
शंकर बाबूराव आत्राम द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा 12 फरवरी 2026 को जारी किए गए सरकारी आदेश की कुछ शर्तों पर कड़ी आपत्ति जताई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ये शर्तें संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 21-ए (शिक्षा का अधिकार) के साथ-साथ आरटीई अधिनियम के प्रावधानों के विरुद्ध हैं।
हाई कोर्ट ने आदेश में कहा कि आरटीई आवेदन की अंतिम तिथि पहले 10 मार्च थी। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ऑनलाइन सिस्टम में बदलाव के बाद अभिभावकों को पर्याप्त समय देने के लिए 3 दिनों की अतिरिक्त मोहलत दी जाए। 3 किलोमीटर के नियम को लेकर कोर्ट ने कहा कि अदालत के इस फैसले के बाद अब आवेदक अपने निवास स्थान से 3 किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्कूलों में प्रवेश के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे।
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कोर्ट ने राज्य सरकार को आरटीई नियमों के अनुसार पात्र छात्रों को प्रवेश दिलाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल में आवश्यक तकनीकी बदलाव करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील आईजे दामले ने अदालत को भरोसा दिलाया कि इस आदेश की सूचना तुरंत शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों को दी जाएगी, ताकि इसका तत्काल कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। यह फैसला उन अभिभावकों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है जो अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए आरटीई के तहत अच्छे स्कूलों में प्रवेश की आस लगाए बैठे थे।