सफारी जिप्सी पर उठे सवाल: जंगल के बीचों-बीच खराब हुई गाड़ी, पर्यटकों ने पूछा-अनहोनी हुई तो जिम्मेदार कौन?
Nagpur Jungle Safari Jeep: उमरेड-पवनी-करहंडला अभयारण्य में जंगल सफारी के दौरान जिप्सी बीच जंगल में खराब हो गई। घटना के बाद पर्यटकों ने सफारी वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Tourism Forest Department: नागपुर जिले में प्रकृति भ्रमण पर्यटकों के लिए सर्वाधिक लोकप्रिय है। जंगल का लुत्फ उठाने और वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने के लिए सैकड़ों पर्यटक जंगल सफारी का रुख करते हैं। हाल ही में हुई घटना को लेकर जिप्सियों के मेंटेनेंस पर सवाल खड़े हो गए हैं। ज्ञात हो कि विगत दिनों गोठनगांव गेट से सफारी के लिए निकली एक जिप्सी जंगल के बीचों-बीच खराब हो गई थी। इस तरह की घटनाओं को लेकर पर्यटकों के मन में भय उत्पन्न हो रहा है।
पर्यटकों का कहना है कि जंगल सफारी के लिए मोटा शुल्क वसूल किया जाता है लेकिन जिप्सी की फिटनेस जांच की अनदेखी हो रही है। यह पर्यटकों के लिए धोखादायक साबित हो सकता है। पर्यटकों के मन में यह भी सवाल है कि यदि कोई अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
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बीते दिनों गोंडोबा वन क्षेत्र के तहत उमरेड-पवनी-करहंडला वन्यजीव अभयारण्य के गोठनगांव गेट से जंगल सफारी के लिए निकली जिप्सी जंगल के बीच बंद पड़ गई थी। करीब आधे घंटे बाद एक अन्य जिप्सी के गुजरने पर बंद पड़ी जिप्सी के चालक ने मदद मांगी। जिप्सी चालकों व गाइडों ने बंद जिप्सी को धक्का मारकर कुछ दूरी पर स्थित वन विभाग के एक स्टॉपिंग पॉइंट तक पहुंचाया था।
क्या बड़ी घटना के बाद जागेगा प्रशासन
सफारी के दौरान जंगल के बीचों-बीच जिप्सी खराब होने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। सौभाग्य से किसी भी घटनाओं में मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। घटनाओं के बावजूद जिप्सियों की फिटनेस जांच पर गंभीरता नहीं बरती जा रही। ऐसे में पर्यटकों के मन में सवाल उठ रहा है कि कोई अनहोनी होने के बाद प्रशासन कुंभकर्णी नींद से जागेगा।
सुरक्षा का जिम्मा उठाए वन विभाग
मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए वन विभाग कड़े प्रयास कर रहा है। ऐसे में सफारी जिप्सियों की फिटनेस जांच में भी वन विभाग को कड़े कदम उठाना चाहिए, पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना वन विभाग की जिम्मेदारी है।
– पर्यटक, पूजा मेहता
जिप्सियों की लोकेशन ट्रैकिंग अनिवार्य
जंगल सफारी के लिए गई जिप्सियों की लाइव लोकेशन ट्रैकिंग बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। यदि जंगल के बीचों-बीच सफारी जिप्सी बंद हो जाए तो तुरंत मदद भेजी जा सकती है। ऐसे में बड़ी घटना को टाला जा सकता है।
– पर्यटक, अमन मिश्रा
