इलेक्ट्रिक वाहनों से हो रही अवैध टोल वसूली! विधानसभा में हंगामा, सरकार को 8 दिन का अल्टीमेटम
EV Toll Issue: विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मुंबई–पुणे, समृद्धि एक्सप्रेसवे और अटल सेतु पर इलेक्ट्रिक वाहनों से टोल वसूली को अवैध बताया। सरकार को 8 दिनों में छूट प्रणाली लागू करने का निर्देश।
- Written By: आकाश मसने
टोल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Rahul Narvekar Toll Statement: महाराष्ट्र विधानसभा में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) से टोल वसूली का मुद्दा गरमाया। अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मुंबई-पुणे और समृद्धि एक्सप्रेसवे पर ईवी से टोल लेने को ‘अवैध’ बताया है। उन्होंने सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं कि आठ दिनों के भीतर छूट प्रणाली पूरी तरह लागू की जाए।
महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने बुधवार को स्पष्ट किया कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, नागपुर-मुंबई समृद्धि एक्सप्रेसवे और मुंबई में अटल सेतु पर इलेक्ट्रिक वाहनों से टोल की वसूली अवैध है। अध्यक्ष ने सरकार को आठ दिनों के भीतर छूट प्रणाली को पूरी तरह से लागू करने को कहा है। यह सख्त निर्देश तब आया जब परिवहन संबंधी मामलों पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की ओर से जवाब दे रहे मंत्री दादा भुसे ने स्वीकार किया कि छूट नीति के बावजूद कुछ इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं से टोल वसूला गया था।
अध्यक्ष नार्वेकर ने जोर देते हुए कहा कि यह नीति पहले से ही लागू है। नार्वेकर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, “अगर किसी एक इलेक्ट्रिक वाहन से भी टोल लिया जा रहा है, तो यह गैरकानूनी है।” उन्होंने मंत्री भुसे को निर्देशित किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि यह छूट प्रणाली अगले आठ दिनों में पूरी तरह काम करने लगे।
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क्यों हो रही थी वसूली? मंत्री ने बताई वजह
मंत्री दादा भुसे ने सदन को बताया कि राज्य ने इलेक्ट्रिक वाहन नीति की घोषणा 23 मई, 2025 को की थी और इसे 22 अगस्त, 2025 से लागू कर दिया गया था। हालांकि, उन्होंने टोल शुल्क काटे जाने के पीछे की प्रक्रियागत बाधाओं का उल्लेख किया। भुसे ने बताया कि टोल छूट के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के फास्टैग विवरण को वाहन (परिवहन पोर्टल) पर पंजीकृत करना आवश्यक है। इसके साथ ही, इस विवरण को टोल प्रणाली के साथ एकीकृत करना भी जरूरी है।
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उन्होंने स्वीकार किया कि यह प्रक्रिया तीन महीने पहले शुरू हुई थी, लेकिन इस एकीकरण में देरी के कारण कुछ मामलों में टोल शुल्क काटा गया है। मंत्री ने सदन को आश्वासन दिया कि सरकार इस छूट प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा करने और प्रभावी ढंग से लागू करने का प्रयास कर रही है।
आठ दिनों में लागू होगी छूट
अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रही है और अपनी नीति के माध्यम से जनता को आश्वासन दे रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी इलेक्ट्रिक वाहन पर टोल नहीं लगना चाहिए। नार्वेकर ने आदेश दिया कि टोल छूट अगले आठ दिनों में लागू की जानी चाहिए।
सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह रहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने यह सुनिश्चित करने को कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों से अब तक एकत्र की गई राशि वापस करने की व्यवस्था भी बनाई जाए। मंत्री भुसे ने सदन में आश्वस्त किया कि राज्य सरकार नार्वेकर के इन सभी निर्देशों का पालन करेगी।
