दूसरे दिन भी भूखे रहे Rohit Pawar, तबीयत बिगड़ी पर आंदोलन जारी, कृषि मंत्री ने किया फोन
Rohit Pawar Hunger Strike: किसान कर्जमाफी की शर्तों के विरोध में रोहित पवार का अन्नत्याग आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। तबीयत बिगड़ने के बावजूद वे डटे हैं। विपक्ष ने समर्थन दिया, सरकार पर दबाव बढ़ा।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
रोहित पवार अन्नत्याग आंदोलन पर (सोर्सः फाइल फोटो)
Rohit Pawar Hunger Strike Enters Second Day: महाराष्ट्र सरकार द्वारा घोषित किसान कर्जमाफी की शर्तों के खिलाफ राकां शरदचंद्र पवार पार्टी के विधायक रोहित पवार का पंढरपुर में अन्नत्याग आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। बिना कुछ खाए-पिए अनशन पर बैठे रोहित पवार की मांग है कि दो लाख रुपए से अधिक कर्ज वाले किसानों के लिए शेष रकम के एकमुश्त भुगतान की शर्त हटाई जाए और उन्हें सरसकट (संपूर्ण) कर्जमाफी दी जाए। इस बीच अन्नत्याग के कारण उनकी तबीयत खराब होने लगी है, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ गया है।
लगातार दूसरे दिन भूखे रहने के कारण रोहित पवार की सेहत बिगड़ने लगी है। डॉक्टरों की जांच के अनुसार उनके रक्त में शुगर का स्तर गिरकर 83 एमजीडीएल तक पहुंच गया है। डॉक्टरों ने उन्हें ज्यादा बात न करने, आराम करने और तुरंत ओआरएस (ओआरएस) लेने की सख्त सलाह दी है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें सलाइन चढ़ाने की नौबत आ सकती है।
उनकी बिगड़ती सेहत को देखकर उनकी पत्नी और बच्चे समेत पूरा परिवार काफी चिंतित है। इसके बावजूद रोहित अपने रुख पर कायम हैं और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो परसों से वे अपना आंदोलन नामदेव पायरी के पास ले जाएंगे।
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कृषि मंत्री ने किया फोन
इस बढ़ते सियासी पारे के बीच कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने रोहित पवार को फोन किया। रोहित ने बताया कि कृषि मंत्री उनकी मांगों के प्रति सकारात्मक हैं और उन्होंने आगामी मंगलवार को मुंबई में होने वाली मंत्रियों की विशेष बैठक में उन्हें आमंत्रित किया है।
रोहित ने उद्योगपतियों की 20 लाख करोड़ की कर्जमाफी का कड़ा हवाला देते हुए मुख्यमंत्री से सवाल किया कि अगर बड़े घरानों की कर्जमाफी से सिस्टम नहीं बिगड़ता, तो किसानों की 35 हजार करोड़ की कर्जमाफी से बैंकिंग व्यवस्था कैसे संकट में आ जाएगी। हालांकि, दूसरी तरफ मंत्री गिरीश महाजन ने रोहित के अनशन को महज टीआरपी (टीआरपी) बटोरने का नाटक और पब्लिसिटी स्टंट करार दिया है।
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सपकाल का मिला साथ
दूसरी तरफ रोहित पवार के इस किसान हितैषी आंदोलन को विपक्ष का मजबूत साथ मिल रहा है। कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने सरकार की इस कर्जमाफी को पूरी तरह से छलावा बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार की इन दमनकारी शर्तों के कारण राज्य के लाखों किसान कर्जमाफी के लाभ से सीधे तौर पर वंचित रह जाएंगे।
रोहित की सभी मांगों को जायज ठहराते हुए सपकाल ने घोषणा की है कि वे खुद पंढरपुर जाकर रोहित पवार के उपोषण स्थल पर उनके साथ बैठेंगे और इस अन्नत्याग आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देंगे।
