
कोतवाली पुलिस ने की कार्रवाई (सौजन्य-सोशल मीडिया)
नागपुर: नए साल की रात में कोतवाली पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान 41,67,300 रुपए की नकदी जब्त की। यह रकम हवाला की होने की आशंका है। पुलिस ने नकदी ले जा रहे 2 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वे रकम के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। फिलहाल दोनों को नोटिस देकर रिहा कर दिया गया है।
उनके नाम रोहित गुलाबचंद कोरी (30) और संगम रघुवरप्रसाद कोरी (27) है। दोनों संदिग्ध युवक जबलपुर के रहने वाले हैं। नए साल की रात को सुरक्षा इंतजाम को देखते हुए पुलिस आयुक्त डॉ. रवीन्द्र कुमार सिंगल ने शहर में नाकाबंदी का आदेश दिया था। इसी के तहत कोतवाली पुलिस की टीम गांधी गेट क्षेत्र में नाकाबंदी कर वाहन चालकों की जांच कर रही थी।
इसी दौरान रोहित और संगम दोपहिया वाहन (एमएच 49/बीवी-6983) पर संदिग्ध रूप से जाते देखा गया। जब उन दोनों को रोक कर पूछताछ की गई तो वे गोलमोल जवाब देने लगे। उनके हावभाव भी पुलिस को संदिग्ध लगे। ऐसे में जब पुलिस ने दोनों की तलाशी ली तो उनके पास एक काला बैग मिला बैग में 41.67 लाख की नकदी थी। इतनी बड़ी रकम देखकर पुलिस भी हैरान रह गई।
पुलिस ने पैसे जब्त कर दोनों को हिरासत में ले लिया। जब उन्हें थाने लाकर पूछताछ की गई तो बताया कि वह जबलपुर के एक व्यापारी के लिए काम करते है और यह रकम उसकी है। पुलिस ने रकम के संबंध में ठोस सबूत मांगे। हालांकि वह सबूत नहीं दे सकें। दोनों को अब पुलिस ने सबूत जुटाने के लिए रिमांड पर छोड़ा है। इस बीच पुलिस नेजबलपुर के कारोबारी से संपर्क किया और उसे पूछताछ के लिए नागपुर बुलाया गया। इसी के तहत पुलिस ने रकम के संबंध में दस्तावेज की मांग की और जांच देर रात चली।
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रोहित और संगम दोनों रिश्तेदार हैं। वे दोनों गणेशपेठ इलाके में किराये के कमरे में रहने है। इन्हें जबलपुर के एक व्यापारी ने नागपुर भेजा है। दोनों के अनुसार व्यापारी के लिए काम करते हैं। व्यापारी के कहने पर ही उन्होंने इतवारी में कुछ लो से उक्त रकम वसूली थी, जिसे घर जाकर यह रकम जबलपुर पहुंगाना था।






