नागपुर में बुलडोजर वाली दबंगई: जमीन हड़पने के लिए तोड़ दिया बंद ढाबा; 8 दिन बाद जागी कलमेश्वर पुलिस
Nagpur Land Dispute: नागपुर में जमीन कब्जाने के कथित प्रयास में बंद पड़े ढाबे पर बुलडोजर चलाया गया। पीड़ित व्यापारी ने पुलिस पर एफआईआर दर्ज करने में देरी और कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है।
- Written By: अंकिता पटेल
जमीन विवाद, बुलडोजर कार्रवाई, (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
Nagpur Illegals Bulldozer: नागपुर अमरावती रोड पर एक व्यक्ति ने जमीन हथियाने के इरादे से बंद पड़े ढाबे पर बुलडोजर चलवा दिया, ढाबे के दोनों कमरे तोड़ दिए और जमीन मालिक को फोन कर धमकाया कि यदि उसे जमीन नहीं बेची तो भविष्य में बड़ा नुकसान होगा।
घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित व्यापारी ने कलमेश्वर पुलिस से शिकायत की लेकिन दबाव के चलते मामला दर्ज करने में आनाकानी की गई। 8 दिन बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की लेकिन आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। कथित आरोपी रमानगर निवासी राम सिंह धन सिंह यादव बताया गया।
जमीन खरीदने का दबाव बनाने के बाद बंद पड़े ढाबे को बनाया निशाना
यह मामला कपिलनगर निवासी इंद्रजीत सिंह सुरेंद्र सिंह सैनी (47) की शिकायत पर दर्ज किया गया। इंद्रजीत ने बताया कि अमरावती के चौदहवां माइल के पास उनकी और जगतार सिंह ननवे की जमीन है। इस जमीन पर दोनों ढाबा चलाते थे।
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ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय शुरू करने के बाद 5-6 सालों से ढाबा बंद था। करीब 1 वर्ष पहले राम सिंह ने उन्हें जमीन खरीदने का प्रस्ताव देकर मिलने बुलाया था लेकिन इच्छुक न होने के कारण उन्होंने मुलाकात नहीं की। अब दोबारा ढाबा शुरू करने के लिए इंद्रजीत पिछले 2 महीनों से साफ-सफाई करवा रहे हैं। 30 मई को भी सफाई करके अपने घर गए थे।
सामान किया गायब, मिली धमकी
4 जून को परिचित व्यक्ति ने फोन कर बताया कि उनके ढाबे के दोनों कमरे पूरी तरह ध्वस्त हो गए है और सामान भी गायब है। इंद्रजीत अपने परिवार के साथ वहां पहुंचे, जेसीबी के जरिए कमरे तोड़े गए थे। ढाबे का सामान भी गायब था।
आसपास पूछताछ करने पर कुछ पता नहीं चला। इस बीच राम सिंह ने उन्हें फोन करके धमकाया कि मुझसे मिलने नहीं आया तो अभी छोटा नुकसान हुआ है, आगे और भी नुकसान होगा। इंद्रजीत ने बताया कि राम सिह जबरन उनकी जमीन खरीदना चाहता है।
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परिसर में वह इस तरह के कामों को लेकर चर्चित है, इसीलिए शिकायत देने के बावजूद कलमेश्वर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। काफी दौडभाग करने के 8 दिन के बाद मामला दर्ज किया गया लेकिन राम सिंह से पूछताछ तक नहीं की गई। उनकी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस भी राम सिंह के दबाव में काम कर रही है।
