प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अस्थायी प्रभार, पृथ्वीराज चव्हाण बोले- यह सिर्फ कामचलाऊ व्यवस्था
Prahlad Joshi Education: पृथ्वीराज चव्हाण ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अस्थायी प्रभार दिए जाने को कामचलाऊ व्यवस्था बताया। उन्होंने जेन जी से जुड़ने वाले पूर्णकालिक शिक्षा मंत्री की मांग की।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का प्रभार मिलने पर चव्हाण का तंज (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
Temporary Education Ministry Charge: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अस्थायी प्रभार सौंपे जाने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इस फैसले को महज ‘कामचलाऊ व्यवस्था’ करार देते हुए केंद्र से जल्द पूर्णकालिक शिक्षा मंत्री नियुक्त करने की मांग की है।
चव्हाण ने कहा कि देश को शिक्षा मंत्रालय के लिए ऐसे राष्ट्रीय स्तर के नेता की जरूरत है, जो ‘जेन जी’ यानी 1997 से 2012 के बीच जन्मे युवाओं से जुड़ सके और शिक्षा व्यवस्था में सुधार कर सके। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा केंद्रीय मंत्रिमंडल में ऐसा कोई व्यक्ति नजर नहीं आता, जो इस जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त हो।
जोशी को शिक्षा मंत्रालय, चव्हाण ने उठाए सवाल
चव्हाण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अस्थायी प्रभार सौंपा है। उनके मुताबिक, जोशी के पास पहले से ही तीन विभागों की जिम्मेदारी है और अब वे चौथा मंत्रालय भी संभालेंगे। उन्होंने इसे संसद के मानसून सत्र तक की अस्थायी व्यवस्था बताया।
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कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री को जल्द ही पूर्णकालिक शिक्षा मंत्री के नाम की घोषणा करनी होगी। ऐसा मंत्री होना चाहिए जो राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी हो, ‘जेन जी’ के साथ संवाद स्थापित कर सके, शिक्षा व्यवस्था में मौजूद खामियों को दूर करने के साथ ही शिक्षा क्षेत्र के लिए अधिक बजट की मांग कर सके।
धर्मेंद्र प्रधान को हटाना बताया जेन जी आंदोलन की बड़ी कामयाबी
पृथ्वीराज चव्हाण ने अपने पोस्ट में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाए जाने को ‘जेन जी’ के ऐतिहासिक आंदोलन की पहली बड़ी कामयाबी बताया। उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था को लेकर चल रही बहस में एक अहम मोड़ करार दिया।
उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के संभावित रूप से केंद्र में शिक्षा मंत्री बनाए जाने की अटकलों पर भी आपत्ति जताई। चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस और ‘जेन जी’ महाराष्ट्र से किसी नेता को इस पद पर भेजे जाने के कदम को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने इसके पीछे महाराष्ट्र में नीट से जुड़े कथित पेपर लीक मामले और कोचिंग संस्थानों को लेकर उठे सवालों का हवाला दिया।
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चव्हाण ने केंद्र से मांग की कि शिक्षा मंत्रालय के लिए ऐसी राष्ट्रीय स्तर की शख्सियत को जिम्मेदारी दी जाए, जो युवाओं का भरोसा जीत सके और देश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रभावी कदम उठा सके।
