13 अगस्त को खत्म हो जाएगा हॉकी का अस्तित्व, नागपुर में हॉकी का मैदान इतिहास बनने की ओर
Nagpur Hockey Ground: नागपुर के सिविल लाइंस स्थित विदर्भ हॉकी एसोसिएशन मैदान की लीज खत्म होने के बाद प्रशासन 13 अगस्त को जमीन का कब्जा शासन को सौंपने की प्रक्रिया पूरी करेगा।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर विदर्भ हॉकी एसोसिएशन मैदान (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
VHA Ground Lease Termination: हॉकी… हॉकी… हॉकी, कई वर्षों तक नागपुर के सिविल लाइंस स्थित मैदान में गूंजने वाला यह शोर अब पूरी तरह इतिहास बनने की ओर है। 13 अगस्त को हॉकी का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। विदर्भहॉकी एसोसिएशन (वीएचए) को जमीन शासन के सुपुर्द करने के लिए जिला प्रशासन ने अंतिम प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नायब तहसीलदार (नजूल) जिला कलेक्टर कार्यालय की ओर से 5 अगस्त को जारी नोटिस में वीएचए को निर्देश दिए गए हैं कि वह निर्धारित तारीख को मौके पर उपस्थित रहकर मैदान का प्रत्यक्ष कब्जा शासन को सौंप। मामला अमरावती रोड स्थित मौजा गाडगा खसरा क्र. 65/5, नगर भूमापन क्र. 277 की 3.80 एकड़ जमीन का है।
प्रशासन ने इसे लीज समाप्ति के बाद शासन में पुनः प्रवेश की कार्रवाई बताया है। नोटिस के अनुसार 13 अगस्त को सुबह 11 बजे जमीन का प्रत्यक्ष कब्जा लेने की प्रक्रिया रखी गई है, वीएचए को निर्देश दिया गया है कि वह स्वयं या अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित रहकर जमीन का कब्जा शासन को सौंपे।
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नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि संस्था उपस्थित नहीं रहती या कब्जा सौंपने से इनकार करती है तो नियमानुसार एकतरफा कार्रवाई करते हुए शासन जमीन का कब्जा ले सकता है। इसका सीधा मतलब है कि सिटी में अब हॉकी के अस्तित्व खत्म होने की अंतिम तारीख आ गई हैं। बता दें कि जिला कलेक्टर ने 17 जुलाई को आदेश देकर विदर्भ हॉकी एसोसिएशन मैदान की लीज खत्म कर तहसीलदार को जमीन का कब्जा लेने का आदेश दिया था।
लीज को लेकर उठे थे सवाल
जिला प्रशासन की रिपोर्ट के बाद यह मामला सामने आया था कि वीएचए को दी गई जमीन की लीज अवधि और उपयोग को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। वहीं वीएचए लगातार इस कार्रवाई का विरोध कर रही है।
एसोसिएशन का कहना है कि यह मैदान 60 के दशक से नागपुर की हॉकी की पहचान रहा है और यहां खिलाड़ियों को प्रशिक्षण मिलता रहा है। एसोसिएशन ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग भी की थी, साथ ही कमिश्नर कार्यालय में भी याचिका दायर कर प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है।
प्रशासन बनाम VHA अब गेंद सरकार के पाले में
एक और जिला प्रशासन लीज समाप्ति और नियमों के आधार पर जमीन वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है वहीं दूसरी ओर वीएचए इसे हॉकी मैदान बचाने की लड़ाई बता रहा है।
अब 13 अगस्त की कार्रवाई पर पूरे खेल जगत की नजर रहेगी, यह तय करेगी कि नागपुर का यह ऐतिहासिक हॉकी मैदान आगे भी खिलाडियों के लिए खुला रहेगा या इसके संचालन की नई व्यवस्था बनेगी।
क्यों खास है यह मैदान ?
- गाडगा (सिविल लाइंस) स्थित यह मैदान नागपुर हॉकी का प्रमुख केंद्र रहा है। कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों ने यहां अभ्यास किया है।
- वर्षों से यहां होंकी गतिविधियां, प्रतियोगिताएं और प्रशिक्षण शिविर आयोजित होते रहे हैं। खेल जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि मैदान का भविष्य अब सरकार के अगले निर्णय पर निर्भर करेगा।
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- प्रशासन यदि इसे अपने अधीन लेता है तो सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि आगे इस मैदान का उपयोग किस रूप में किया
- क्या नागपुर का हॉकी पूरी तरह इतिहास बन जाएगा? क्या सिटी के बच्चों को कभी हॉकी खेलने के लिए मैदान मिल पाएगा?
-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से जयदीप रघुवंशी की रिपोर्ट
