नासिक कुंभ के ठेकों पर राज ठाकरे का वार, बोले- गुजरात के ठेकेदारों को दी जा रही खैरात
Nashik Kumbh Contractors: राज ठाकरे ने नासिक कुंभ ठेकों को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने बोला कि गुजरात के ठेकेदारों को काम देकर महाराष्ट्र के ठेकेदारों से अन्याय किया जा रहा है।
- Written By: अंकिता पटेल
नासिक कुंभ के ठेकों पर राज ठाकरे का वार (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
Gujarat Contractors Kumbh Work: मुंबई महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने नासिक दौरे के दौरान नासिक कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कुंभ मेले के काम गुजरात के ठेकेदारों को खैरात की तरह दिए जा रहे हैं। इससे महाराष्ट्र के ठेकेदारों और मराठी माणुस के साथ अन्याय हो रहा है।
ठाकरे ने कहा कि सरकार का ध्यान विकास से ज्यादा कमीशनखोरी पर है और इसी कारण नासिक की हालत बिगड़ गई है। राज ठाकरे ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कुंभ मेले के कई ठेके गुजरात के ठेकेदारों को दिए गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या महाराष्ट्र में योग्य ठेकेदार नहीं हैं। उनके अनुसार सरकार को स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देनी चाहिए थी, लेकिन कमीशनखोरी के कारण ऐसा नहीं हुआ।
सड़कें बदहाल, प्रशासन पर निशाना
ठाकरे ने कहा कि 2003 और 2015 के कुंभ मेले के दौरान विकास कार्य बेहतर ढंग से हुए थे। उस समय बिना किसी परेशानी के सड़कें और अन्य सुविधाएं तैयार हुई थीं, लेकिन इस बार पूरे शहर में गड्ढे हैं और लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बारिश में गड्ढे और कीचड़मय स्थिति के कारण 5 लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन प्रशासन लोगों की समस्याओं के प्रति संवेदनहीन बना हुआ है।
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स्मार्ट सिटी, वृक्ष कटाई पर सवाल
राज ठाकरे ने सरकार के दावों की पोल खोलते हुए पूछा कि आखिर ‘स्मार्ट सिटी’ के वादे का क्या हुआ? उन्होंने कहा कि शहर में बड़े पैमाने पर पेड़ काटे जा रहे हैं और विरोध प्रदर्शनों के बावजूद सुस्त प्रशासन पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। बोटेनिकल गार्डन और म्यूजियम जैसी पुरानी बेहतरीन संरचनाओं की अनदेखी की जा रही है। पूरे शहर को बर्बाद किया जा रहा है और जनता को इस बदहाली में छोड़ दिया गया है।
संघ प्रमुख ने देरी कर दी
राज ने मोहन भागवत के ‘जेन जी’ और ‘जेन अल्फा’ के युवाओं से संवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पहल बहुत देर से हुई। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन युवाओं के बढ़ते गुस्से का संकेत है और जंतर-मंतर का आंदोलन पूरे देश तक पहुंच चुका है।
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ठाकरे ने आरोप लगाया कि नीट विवाद पर हुआ विरोध भाजपा की अंदरूनी खींचतान का परिणाम है। उनका कहना था कि जब किसी संगठन में बाहरी विरोधी खत्म हो जाते है, तो अंदर ही नए विरोधी पैदा होने लगते हैं। वहीं, भागवत ने युवाओं की शिकायतों को वास्तविक बताते हुए कहा था कि विरोध प्रदर्शन करने से उन्हें देशविरोधी नहीं कहा जा सकता।
