

Wardha Gharkul Yojana Sand Supply: वर्धा जिले के समुद्रपुर शासन की महत्वाकांक्षी घरकुल योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को मकान निर्माण के लिए मुफ्त रेत उपलब्ध कराने की व्यवस्था है, लेकिन समुद्रपुर तहसील के शिवणी रेत घाट से घरकुल लाभार्थियों को कथित रूप से निकृष्ट दर्जे की रेत दिए जाने का मामला सामने आया है।
इससे नाराज लाभार्थियों ने जिलाधिकारी एवं तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याएं रखीं। ज्ञापन में लाभार्थियों ने आरोप लगाया कि शासकीय पास होने के बावजूद उन्हें बेहद खराब गुणवत्ता की रेत दी जा रही है, जिससे मकानों का निर्माण प्रभावित हो रहा है। वहीं, यदि कोई व्यक्ति निजी तौर पर रेत मंगवाता है तो उसी शिवणी घाट से तत्काल अच्छी गुणवत्ता की रेत उपलब्ध कराई जाती है।
लाभार्थियों का कहना है कि 5 ब्रास रेत भरने के लिए प्रति ब्रास 500 रुपये वसूले जा रहे हैं। जबकि क्षेत्र में जेसीबी मशीन का किराया लगभग 1,000 रुपये प्रति घंटा है। ऐसे में रेत भराई के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूलने पर भी सवाल उठाए गाए हैं।
उनका आरोप है कि गरीब लाभार्थियों को उनके हक की सुविधा देने के बजाय अनावश्यक परेशान किया जा रहा है, जो शासन के आदेशों की भावना के विपरीत है। लाभार्थियों ने प्रशासन से शिवणी रेत घाट के कार्यों की तत्काल जांच कराने तथा सभी घरकुल लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण रेत निःशुल्क उपलब्ध कराने की मांग की है।
मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कपिल हाटकर ने बताया कि घरकुल लाभार्थियों का निवेदन प्राप्त होते ही मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। साथ ही रेत घाट संचालकों को निर्देशित किया गया है कि घरकुल योजना के लाभार्थियों को तत्काल उत्कृष्ट गुणवत्ता की रेत उपलब्ध कराई जाए। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।