डेंटल की नर्सों के साथ अपमानजनक व्यवहार, वैद्यकीय शिक्षा मंत्री-सचिव और आयुक्त से की शिकायत
Nagpur Dental College and Hospital: नागपुर के शासकीय दंत महाविद्यालय व अस्पताल में कार्यरत नर्सों के साथ अपमानास्पद व्यवहार की घटना सामने आई है। इसकी शिकायत अब आयुक्त से की गई है।
- Written By: प्रिया जैस
डेंटल कॉलेज (सौजन्य-सोशल मीडिया, कंसेप्ट फोटो)
Nagpur Dental College and Hospital: शासकीय दंत महाविद्यालय व अस्पताल में कार्यरत नर्सों के साथ अपमानास्पद व्यवहार की घटना सामने आई है। इस संबंध में अधिष्ठाता सहित वरिष्ठ प्राध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग राष्ट्रीय मूल निवासी बहुजन कर्मचारी संघ ने वैद्यकीय शिक्षा मंत्री, वैद्यकीय सचिव, आयुक्त और संचालक को भेजे एक पत्र में की है।
संगठन की प्रदेश अध्यक्ष पल्लवी चौधरी, महासचिव अविनाश शेंडे द्वारा भेजे गये पत्र में बताया कि शासकीय दंत महाविद्यालय में 5 नर्सें कार्यरत हैं। इन नर्सों को प्रभारी अधिष्ठाता, कुछ विभाग प्रमुखों सहित वरिष्ठों द्वारा परेशान किया जा रहा है। इस संबंध में नर्सों ने अपनी शिकायत राष्ट्रीय मूल निवासी बहुजन कर्मचारी संघ आरोग्य विभाग से की।
जानबूझकर परेशान कर रहे अधिकारी
इनमें बताया गया कि एक नर्स का बेटा मानसिक रूप से बीमार है। सेवा में रहकर बेटे की देखभाल की जिम्मेदारी भी संभालनी पड़ रही है लेकिन प्रभारी अधिकारी जानबूझकर मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। हाल ही में उक्त नर्स की बदली 116 क्रमांक के विभाग में की है। मेयो से पदोन्नति के बाद महाविद्यालय में कार्यरत एक इंचार्ज सिस्टर का सामान निकालकर गेट के पास बने सूचना केंद्र में शिफ्ट करने के लिए कहा गया, जबकि नर्स का काम संस्था के वार्ड, ओपीडी और मरीजों को लगने वाली सामग्री की आपूर्ति करना, रिपोर्ट अपडेट करना है।
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मानसिक दबाव में कर रहीं कार्य
एक नर्स हाल ही में कार्यरत हुई है। फिलहाल उनका प्रोबेशन पीरियड है। इस नर्स को कूलर में पानी डालने जैसे काम दिए जाते हैं। काम नहीं करने पर गोपनीय रिपोर्ट खराब करने की चेतावनी दी जाती है। इस वजह से नर्सें मानसिक दबाव में कार्य कर रही हैं। नर्सों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के काम बताकर उनके साथ अपमानास्पद व्यवहार किया जा रहा है।
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अन्य नर्सों को भी अपमान सहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। एक नर्स ओरल सर्जरी विभाग में 7 वर्षों से कार्यरत थी। कार्य में निपुण होने के बाद भी प्रभारी अधिष्ठाता ने अन्य विभाग में तबादला कर दिया। इससे दोनों विभागों का काम प्रभावित हुआ है। जहां 3 नर्सों की जरूरत है वहां एकमात्र नर्स को रखा गया है।
