मेयो हॉस्पिटल में मौत का गड्ढा, कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन, जमकर हुआ हंगामा

नागपुर के मेयो अस्पताल में पीडबल्यूडी विभाग के काम के कारण एक पिता की मौत हो गई। एक पिता जो अस्पताल में अपनी नवजात बच्ची का चेहरा देखने जा रहा था, वो वार्ड में पहुंचने से पहले ही घटना का शिकार हुआ।
नागपुर के मेयो अस्पताल में पीडबल्यूडी विभाग के काम के कारण एक पिता की मौत हो गई। एक पिता जो अस्पताल में अपनी नवजात बच्ची का चेहरा देखने जा रहा था, वो वार्ड में पहुंचने से पहले ही घटना का शिकार हुआ।
मेयो के बाहर प्रदर्शन (सौजन्य-नवभारत)
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Nagpur Mayo Hospital: नागपुर के मेयो हॉस्पिटल परिसर में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहा है। अस्पताल परिसर में सर्जिकल बिल्डिंग के आगे ठेकेदार द्वारा बड़ा गड्ढा खोदा गया है जिसमें बारिश का पानी भर गया। 2 दिन पहले 10 अगस्त को पाटनसावंगी निवासी कृष्ण कुमार नामक व्यक्ति इस गड्ढे में गिर गया जिससे उसकी मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार मृतक की पत्नी की डिलीवरी हुई थी और व अपनी नवजात बच्ची को देखने जा रहा था और जानलेवा गड्ढे में गिर गया। जब यह हादसा हुआ तब गड्ढे के सामने कोई बैरिकेड नहीं लगाया गया था और न ही सावधानी के लिए किसी तरह की व्यवस्था की गई थी।

पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग

कृष्ण कुमार की मौत के बाद मेयो प्रशासन व पीडब्ल्यूडी विभाग अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है। कांग्रेस प्रदेश महासचिव फजलुर रहमान कुरैशी, पूर्व महिला शहर अध्यक्ष नैश नुसरत ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग को लेकर अस्पताल परिसर में आंदोलन किया।

मौत का नहीं किया उल्लेख

नैश ने बताया कि अस्पताल के डीन ने मंगलवार, 12 अगस्त को इस हादसे के संदर्भ में पीडब्ल्यूडी विभाग को पत्र लिखा है लेकिन उस पत्र में युवक की मौत का उल्लेख तक नहीं है। आंदोलनकारियों ने दोषी अधिकारियों पर और ठेकेदार पर मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद की मांग भी की है।

आंदोलन में राकेश निकोसे, संगीता बनाफर, पापा अंसारी, हफीज पठान, राकेश वैद्य, आशुतोष लहाने, साजिद पठान, जावेद खान, बाबू खान, शानू शेख, नईम शेख, नकील, अजहर शेख, मोहसिन खान, राशिद अंसारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे।

बेटे के गम में पिता की मौत

नागपुर अमरावती राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित धामना (लिंगा) गांव में महज 2 दिनों के भीतर पिता पुत्र की मौत से पूरा गांव शोक में डूब गया। जानकारी के अनुसार, गांव के निवासी अशोक धनराज मडके (46) का आकस्मिक निधन 9 अगस्त को हो गया था। परिजन उनकी मौत के सदमे से अभी उबर भी नहीं पाए थे कि सोमवार 11 अगस्त को पिता धनराज किसन मडके (71) ने भी प्राण त्याग दिए।

धनराज मडके धामना ग्राम पंचायत में अस्थायी कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे और नल योजना के तहत पानी की आपूर्ति की जिम्मेदारी संभालते थे। मूल रूप से ढवलापुर निवासी धनराज मडके विवाह के बाद ससुराल धामना (लिंगा) में बस गए थे। परिवार में पत्नी बेबीबाई, बड़े पुत्र अशोक, छोटे पुत्र संदीप और 3 बेटियां रत्नमाला, मंदा और संगीता हैं। अशोक की पत्नी का निधन कुछ वर्ष पूर्व ही हो गया था।

इसके बाद अशोक ने दूसरी शादी कर ली लेकिन नशे की लत के कारण 9 अगस्त को उसका निधन हो गया। बेटे की मौत का गहरा सदमा पिता धनराज बर्दाश्त नहीं कर पाए और 2 दिन बाद उनका भी देहांत हो गया। महज 2 दिनों में परिवार के 2 कर्तापुरुष चले जाने से पालन पोषण का संकट परिवार के समक्ष है। इस घटना से धामना गांव में शोक की लहर है।

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