दिल्ली ब्लास्ट की गंभीरता पहले पता चलती तो मच जाती भगदड़, नागपुर के धीरज ने सुनाई आंखों देखी दास्तान
Delhi Blast Eyewitness: दिल्ली लाल किला ब्लास्ट में नागपुर निवासी धीरज वानखेड़े ने बताया कि उन्होंने अपनी आंखों से चीख-पुकार और हाहाकार देखा। घटना ने सबको
- Written By: आंचल लोखंडे
दिल्ली ब्लास्ट की गंभीरता पहले पता चलती तो मच जाती भगदड़ (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Nagpur Man Delhi Blast Story: देश की राजधानी नई दिल्ली के लाल किला इलाके में सोमवार को हुए भयानक धमाके के चश्मदीद नागपुर निवासी धीरज वानखेड़े ने उस दिल दहला देने वाले मंजर को अपनी आंखों से देखा। वे उस समय विस्फोट स्थल से केवल 100 मीटर की दूरी पर अपनी दुकान के सामने खड़े थे।
धीरज ने बताया कि “एक पल के लिए कुछ समझ ही नहीं आया। अचानक जोरदार धमाका हुआ, और देखते ही देखते आग की लपटें, चीखें और चारों तरफ भागते लोग नज़र आने लगे। जब होश संभाला और दुकान की ओर दौड़ा, तो चारों तरफ शव बिखरे पड़े थे। यह दृश्य जिंदगी भर भूल पाना मुश्किल है।”
अगर गंभीरता पहले पता चल जाती, तो मच जाती भगदड़
धीरज ने विस्फोट की गंभीरता का वर्णन करते हुए कहा, “शुरुआत में हमें लगा कि शायद किसी कार की सीएनजी किट या गैस सिलेंडर फट गया होगा। लेकिन बाद में पता चला कि धमाका बहुत ही भयावह था। अगर हमें पहले ही उसकी गंभीरता का अंदाज़ा होता, तो बाज़ार में भगदड़ मच जाती। उस वक्त बाजार में काफी भीड़ थी।”
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धीरज वानखेड़े की दर्दनाक यादें
धीरज ने बताया कि लाल किले के मुख्य द्वार के सामने कई दुकानें हैं जहाँ रोज़ सैकड़ों पर्यटक आते हैं। “जब धमाका हुआ, मैं अपनी दुकान के सामने खड़ा था। अचानक तेज आवाज़ आई और आग लग गई। हम सभी दुकानों से बाहर भागे। कुछ ही मिनटों में पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और पूरे इलाके को घेर लिया,” उन्होंने कहा।
वो मंजर आज भी आंखों के सामने है…
धीरज कहते हैं, “विस्फोट के बाद जो दृश्य देखा, वो इतना भयावह और हृदयविदारक था कि उसे भूलना असंभव है। रातों को नींद नहीं आती। आवाज़ें अब भी कानों में गूंजती हैं।”
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गांव लौटें या यहीं रहें-असमंजस में दुकानदार
घटना के बाद इलाके की सभी दुकानें बंद हैं। कई दुकानदार डर के माहौल में गाँव लौटने की सोच रहे हैं। धीरज कहते हैं, “हम पूरी रात सो नहीं पाए। एक तरफ़ परिवार की सुरक्षा का सवाल है, दूसरी ओर रोज़गार की चिंता। नागपुर लौट जाएँ या दुकान दोबारा खोलें यही दुविधा है।” उन्होंने बताया कि धमाके के बाद से उन्हें सैकड़ों फोन कॉल आए हैं। दिल्ली आने के बाद ऐसा दिन पहली बार देखा है।
इलाके में अब भी सन्नाटा और डर का माहौल
घटना के बाद बाजार क्षेत्र में पूरी तरह सन्नाटा है। दुकानदार अपनी दुकानें बंद रखकर भी पास में खड़े हैं, जहाँ राहत कार्य चल रहे हैं। लोग एक-दूसरे को सांत्वना दे रहे हैं, पर भय और असुरक्षा की भावना अब भी बनी हुई है।
