विभागीय आयुक्त कार्यालय के बाहर हंगामा (सौजन्य-नवभारत)
Nagpur Shivbhojan Protest: बीते 10 महीनों से अनुदान नहीं मिलने त्रस्त हो चुके शिवभोजन थाली योजना के संचालकों का गुस्सा भड़क उठा। भारी संख्या में विभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचकर संचालकों ने पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का घेराव कर अपना रोष व्यक्त किया। इस दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की भी हुई। करीब एक घंटे तक संचालक डटे रहे।
पुलिस ने गिरफ्तार करने का प्रयास किया लेकिन विरोध के चलते ऐसा नहीं कर पायी लेकिन 4 लोगों को हिरासत में लिया गया। हालांकि पालक मंत्री ने किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिये। पूछताछ व समझाइश के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। कुछ संचालकों ने सरकार पर गरीबों के लिए शुरू की गई शिवभोजन थाली को बंद करने की साजिश का आरोप भी लगाया।
तनावपूर्ण माहौल के चलते अंततः पालक मंत्री ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल से फोन पर संपर्क कर संचालकों की भावनाओं से अवगत कराया तथा आगामी मंत्रिमंडल बैठक में प्रस्ताव लाकर अनुदान का मुद्दा हल करने का आश्वासन दिया।
महाविकास आघाड़ी सरकार के दौरान राज्य में शिवभोजन थाली योजना शुरू की गई थी। आरोप है कि सत्ता परिवर्तन के बाद केंद्र संचालकों को परेशान किया जा रहा है। पिछली बार भी अनुदान लंबित था। इस बार 10 महीने बीत जाने के बाद भी महायुति सरकार ने एक भी रुपया जारी नहीं किया। संचालकों का कहना है कि वे 26 जनवरी को पालक मंत्री से मिले थे।
उन्होंने 27 जनवरी को याद दिलाने को कहा था पर संपर्क करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। इससे नाराजगी बढ़ती गई। शुक्रवार को नागपुर सहित विदर्भ के कई जिलों के लगभग 200 संचालक विभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचे और अनुदान को लेकर सवाल किए। कुछ संचालकों के तीव्र विरोध के कारण पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेने की कोशिश की, लेकिन विरोध के चलते ऐसा नहीं हो सका।
हालांकि, जानकारी के अनुसार पूर्व मनपा विपक्ष नेता धरम पाटिल और शिवसेना नेता सुनील बैनर्जी सहित 4 को पुलिस ने हिरासत में लिया। शिवभोजन थाली केंद्र संचालक संगठन के अध्यक्ष तानाजी वनवे, सचिव डॉ. जानबा म्हस्के, भास्कर पराते, किशोर ठाकरे, पूर्व नगरसेविका अलका दलाल, विजयालक्ष्मी हजारे सहित नागपुर, गड़चिरोली और चंद्रपुर के संचालक उपस्थित थे।
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कुछ महिला संचालकों ने बताया कि करीब 190 करोड़ रुपयों का अनुदान लटका हुआ है। हालत यह है कि केन्द्र चलाने के लिए उन्होंने सोना-चांदी बेचा, गिरवी रखा, कर्ज भी लिया। 2020 से कई केन्द्र संचालित हो रहे हैं। सरकार बदलने के बाद से वे आर्थिक संकट में आ गए हैं। यह सरकार इस योजना को बंद करने की फिराक में लग रही है।
पिछले 10 महीनों से राज्यभर में शिवभोजन थाली का अनुदान लंबित है। अनुदान मांगते-मांगते संचालक थक चुके हैं। अपनी जेब से कितने दिन खर्च करें। इसकी भी एक सीमा होती है। प्रतिनिधिमंडल मिलने आया था। कुछ की भावनाएं भड़क उठीं। पालक मंत्री ने संतप्त संचालकों को हिरासत में न लेने के निर्देश दिए। फिर भी कुछ को पुलिस ने हिरासत में लिया। यह गलत है।
– तानाजी वनवे, अध्यक्ष, शिवभोजन थाली संचालक संगठन
पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि मानधन शीघ्र दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा कर जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित करने का समाधान निकाला जाएगा। पिछली कैबिनेट बैठक में सीएम फडणवीस तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल के साथ इस विषय पर चर्चा हुई थी।
कुछ स्थानों पर 4 महीने, तो कुछ स्थानों पर 6 से 9 महीनों तक भुगतान लंबित है। कई संचालकों ने कर्ज लेकर योजना चलाई है, जिससे उनमें नाराजगी है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर मुख्यमंत्री से चर्चा कर शीघ्र भुगतान का मार्ग निकाला जाएगा और वे स्वयं इसका फॉलोअप करेंगे।