नागपुर में बालक के साथ हैवानियत, दोषी को 20 साल की सजा

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प्रतीकात्मक तस्वीर
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नागपुर. बालक के साथ दुष्कर्म करने वाले एक नराधम को पोक्सो की विशेष अदालत के न्यायाधीश आरपी पांडे ने दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई. 3 फरवरी 2022 को राणा प्रतापनगर पुलिस ने 8 वर्षीय पीड़ित बालक के परिजन की शिकायत पर खामला निवासी कपिल बाबूलाल शर्मा (46) के खिलाफ मामला दर्ज किया था. एक ही इलाके के रहवासी होने के कारण पीड़ित बच्चा कपिल को जानता था. घटना के दिन बच्चा परिसर में ही खेल रहा था.

इसी दौरान कपिल ने उसे अपने साथ बेर तोड़ने के लिए चलने को कहा. सोनेगांव एयरपोर्ट के समीप अमराई में लेकर गया. वहां बच्चे के साथ दुष्कर्म किया. पीड़ित बच्चे की हालत खराब हो गई थी. उसने परिजनों को कपिल की करतूत के बारे में बताया और पुलिस से शिकायत की गई. पुलिस ने अपहरण, पोक्सो और अनैसर्गिक दुष्कर्म का मामला दर्ज कर कपिल को गिरफ्तार कर लिया. तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर शीतल चाफले ने प्रकरण की जांच कर न्यायालय में आरोप पत्र दायर किया.

सरकारी वकील श्याम खुले आरोप सिद्ध करने में कामयाब हुए. न्यायालय ने कपिल को पोक्सो की धारा 6 के तहत दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई. अपहरण में भी उसे दोषी करार दिया गया. बतौर पैरवी अधिकारी हेड कांस्टेबल शेखर गायकवाड़ और गौतम ढोके ने अभियोजन पक्ष का सहयोग किया. 

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