अदाणी ग्रुप का विदर्भ विजन: कोल टू केमिकल से लेकर मिहान MRO तक, नागपुर बनेगा नया लॉजिस्टिक्स गेट-वे
Coal to Chemical Project Nagpur: नागपुर के कलमेश्वर में लगेगा ₹70,000 करोड़ का 'कोल टू केमिकल' प्रोजेक्ट। कैबिनेट ने 290 एकड़ जमीन को दी मंजूरी। 30,000 युवाओं को मिलेगा रोजगार।
- Written By: प्रिया जैस
नागपुर में कोल टू केमिकल प्रोजेक्ट (AI Generated Image)
Kalmeshwar Linga MIDC Land: नागपुर जिले के कलमेश्वर तहसील स्थित मौजा लिंगा में प्रस्तावित ‘कोल टू केमिकल’ (सीटीएल) परियोजना का रास्ता साफ हो गया है। राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रोजेक्ट के लिए 117 हेक्टेयर 19 आर (लगभग 290 एकड़) जमीन महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
विकास को मिलेगी नई रफ्तार
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य कोयले का उपयोग करके विभिन्न रसायनों का उत्पादन करना है। इससे न केवल औद्योगिक निवेश बढ़ेगा बल्कि विदर्भ के प्राकृतिक संसाधनों का भी सही दिशा में उपयोग हो सकेगा। पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के अनुसार इस प्रोजेक्ट से कलमेश्वर, काटोल और नागपुर के 30,000 से अधिक युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के द्वार खुलेंगे।
यह परियोजना विदर्भ को रसायन उद्योग के केंद्र के रूप में स्थापित करेगी जिससे क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार होगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सरकार नागपुर के कायाकल्प के लिए प्रतिबद्ध है। यह निर्णय 30,000 से ज्यादा युवाओं के सपनों को उड़ान देगा और विदर्भ के औद्योगिक नक्शे को बदलकर रख देगा। जमीन का आवंटन मौजूदा बाजार मूल्य पर ‘कब्जे हक्का’ के आधार पर किया जाएगा जिसमें सरकार की सभी आवश्यक शर्तें लागू रहेंगी।
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प्रोजेक्ट की मुख्य बातें
- प्रोजेक्ट का नाम – कोल टू केमिकल (सीटीएल)
- स्थान – मौजा लिंगा, तहसील कलमेश्वर
- आवंटित जमीन – 117.19 हेक्टेयर (290 एकड़)
- अनुमानित रोजगार – 30,000 से अधिक अवसर
- नोडल एजेंसी – MIDC (महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल)
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जीत अदाणी पहले दे चुके हैं संकेत
अदाणी ग्रुप के निदेशक जीत अदाणी ने एडवांटेज विदर्भ 2026 में अपने संबोधन के दौरान कहा था कि उनकी कंपनी विदर्भ में बड़े पैमाने पर काम करने जा रही है। विदर्भ अपनी ऐतिहासिक विरासत को आर्थिक और औद्योगिक शक्ति में बदल रहा है।
जीत ने कहा था कि विदर्भ के औद्योगिक भविष्य की दिशा तय करने वाली परियोजनाओं में उन्होंने लिंगा, कलमेश्वर में प्रस्तावित ₹70,000 करोड़ के इंटीग्रेटेड कोल गैसीफिकेशन और डाउनस्ट्रीम डेरिवेटिव्स कॉम्प्लेक्स को सबसे अहम होगा। इस परियोजना से 30,000 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे और नागपुर स्वच्छ ऊर्जा और एडवांस केमिकल उद्योगों के ग्लोबल मैप पर उभरेगा।
अंडरग्राउंड माइनिंग परियोजना
जीत अदाणी ने कहा था कि यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने गोंडखैरी की अंडरग्राउंड माइनिंग परियोजना को जिम्मेदार और पर्यावरण अनुकूल खनन का उदाहरण बताया जहां न्यूनतम भूमि उपयोग, शून्य विस्थापन और जल संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है।
वहीं बोरखेड़ी में 75 एकड़ का आईसीडी और महाराष्ट्र भर में बॉर्डर चेक पोस्ट का अधिग्रहण, विदर्भ को एक मजबूत लॉजिस्टिक्स गेट-वे बना रहा है। मिहान में विमान एमआरओ सुविधा के विस्तार के साथ नागपुर तेजी से अंतरराष्ट्रीय विमान रखरखाव केंद्र के रूप में उभर रहा है।
