Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • बुध, 1 जुलाई 2026
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • ई-पेपर
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

इथेनॉल पर क्यों चुप है विपक्ष? शुगर फैक्ट्री से क्या है कनेक्शन, जानें किन-किन नेताओं के पास है चीनी मिलें

Ethanol Petrol Opposition Silent: महाराष्ट्र में इथनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल पर विपक्ष क्यों चुप है? जानिए कैसे सत्ता और विपक्ष के दिग्गज नेताओं की शुगर फैक्टरियों का इसमें बड़ा हित और कनेक्शन छिपा है।

  • Written By: गोरक्ष पोफली
Updated On: Jul 01, 2026 | 05:45 PM

इथेनॉल ब्लेंडिंग पर विपक्ष की चुप्पी की सांकेतिक फोटो (सोर्स: एआई फोटो)

Follow Us
Follow Us:

Maharashtra Politicians Sugar Factories: यह तो लगभग सभी लोग जानते हैं कि महाराष्ट्र की राजनीति में करीब-करीब हर पार्टी के दिग्गज नेताओं की अपनी चीनी मिलें हैं। चाहे वह एनसीपी का पवार परिवार हो, भाजपा के नितिन गडकरी हों या कांग्रेस के देशमुख और कदम परिवार इन सभी का राज्य के चीनी साम्राज्य पर गहरा प्रभाव है। लेकिन क्या आपको पता है कि ये चीनी मिलें या फैक्ट्रियां अब केवल चीनी उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन्हें इथेनॉल जैसे ग्रीन फ्यूल का मुख्य स्रोत भी माना जाता है?

आज के दौर में शुगर मिलें आधुनिक बायो-रिफाइनरी के रूप में काम कर रही हैं। यहां गन्ने से न केवल मिठास पैदा की जा रही है, बल्कि इथेनॉल बेचकर भी भारी मुनाफा कमाया जा रहा है। फिलहाल इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल की वजह से देश में सामान्य नागरिक काफी परेशान हैं, ऐसे में प्रमुख सवाल यह उठता है कि विपक्ष इतने गंभीर मुद्दे को जोरदार तरीके से क्यों नहीं उठा रहा? महाराष्ट्र की राजनीति में चीनी मिलों का गहरा प्रभाव है, जहां कई प्रमुख नेता या तो इन मिलों के मालिक हैं या उनके प्रबंधन से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं।

प्रमुख राजनेता जिनका चीनी मिलों से संबंध है

  • भारतीय जनता पार्टी: नितिन गडकरी, सुभाष देशमुख, देवेंद्र फडणवीस, विनोद तावड़े, डॉ. अतुल भोसले, अभिमन्यु पवार, हरिभाऊ बागड़े, बबनराव पाचपुते।
  • राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (दोनों गुट मिलाकर): अजित पवार, शरद पवार, जयंत पाटिल, दिलीप वलसे-पाटिल, हसन मुश्रीफ, मकरंद पाटिल, राजेश टोपे, धनंजय मुंडे, प्राजक्त तनपुरे, बबनराव शिंदे।
  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस: अशोक चव्हाण, बालासाहेब थोराट, अमित देशमुख, सतेज पाटिल, विश्वजीत कदम, सिद्धराम म्हेत्रे, पतंगराव कदम।
  • शिवसेना: शंभूराज देसाई, विजय शिवतारे।
  • अन्य: शंकरराव गडाख (निर्दलीय/शिवसेना ठाकरे गुट), रत्नाकर गुट्टे।

राजनीतिक चीनी मिलों का विवरण और संचालन

महाराष्ट्र में चीनी उद्योग का संचालन पारंपरिक रूप से सहकारी समितियों के माध्यम से होता रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में निजी चीनी मिलों का चलन तेजी से बढ़ा है। अजित पवार को श्री अंबालिका शुगर (अहमदनगर), दौंड शुगर (पुणे) और जरंडेश्वर शुगर मिल्स (सतारा) जैसी बड़ी निजी मिलों से जोड़ा जाता है, जिनका संयुक्त उत्पादन काफी अधिक है। उनके चचेरे भाई राजेंद्र पवार बारामती एग्रो के अध्यक्ष हैं, जो इंदापुर और कन्नड़ में मिलें संचालित करती है। शरद पवार खुद वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष के रूप में पूरे उद्योग पर प्रभाव रखते हैं।

सम्बंधित ख़बरें

वनवासी नहीं, आदिवासी हैं… भंडारा में गृहमंत्री शाह के बयान के खिलाफ हुआ आंदोलन, की अधिकारों की मांग

भंडारा में घरों तक पहुंच रहे सांप, वन विभाग ने 1926 पर सूचना देने की सलाह दी

पुणे PMC की बैठक में राम मंदिर कथित चोरी मुद्दे पर हंगामा, कांग्रेस का स्थगन प्रस्ताव बहुमत से खारिज

मुस्कान ही आधी दवा है! सर्वे में खुलासा- मरीजों की रिकवरी में वरदान साबित होता है डॉक्टरों का अच्छा बर्ताव

भाजपा के कद्दावर नेता और इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल का कॉन्सेप्ट लाने वाले नितिन गडकरी नागपुर में पूर्ति शुगर फैक्ट्री चलाते हैं जिसकी कुल 3 मिलें हैं। सुभाष देशमुख सोलापुर में लोकमंगल ग्रुप के प्रमुख हैं, जिसके पास तीन चीनी मिलें हैं। हालिया चुनावों में सतारा जिले से डॉ. अतुल भोसले (यशवंतराव मोहिते कृष्णा और जयवंत मिल), मनोज घोरपड़े (मान-खटाव एग्रो) और अभिमन्यु पवार (लातूर में शेतकरी सहकारी साखर कारखाना) जैसे भाजपा नेताओं ने जीत हासिल की है, जो अपनी मिलों के माध्यम से स्थानीय राजनीति पर नियंत्रण रखते हैं।

पक्ष हो या विपक्ष नेताओं के पास है शुगर फैक्ट्री (सोर्स: एआई फोटो)

कांग्रेस के दिग्गजों का भी है शुगर का कारोबार

कांग्रेस की ओर से अमित देशमुख और उनके चाचा दिलीपराव देशमुख लातूर में जागृति शुगर और मंजरा शेतकरी मिलों का प्रबंधन देखते हैं, जो उनके पिता दिवंगत विलासराव देशमुख द्वारा स्थापित की गई थीं। पतंगराव कदम ने सांगली में सोनहिरा सहकारी की स्थापना की थी, जिसे अब उनके परिवार के सदस्य चलाते हैं। शिवसेना के शंभूराज देसाई पाटन में बालासाहेब देसाई शुगर फैक्ट्री के मार्गदर्शक निदेशक हैं और विजय शिवतारे अहिल्यानगर में स्वामी समर्थ शुगर से जुड़े हैं।

चीनी मिलों का यह नेटवर्क केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक भागीदारी और ग्रामीण सत्ता का मुख्य केंद्र है। ये नेता मिलों के माध्यम से किसानों, बैंक लोन्स और दुग्ध सहकारी समितियों पर नियंत्रण रखते हैं, जिससे उन्हें चुनावों में भारी प्रभाव मिलता है। हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने महायुति गठबंधन से जुड़े नेताओं की मिलों को 487 करोड़ रुपये का मार्जिन फंड आवंटित किया है, जो चीनी मिलों और राजनीति के गहरे संबंधों को दर्शाता है।

इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल पर क्यों चुप है विपक्ष?

अंत में, एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि इथेनॉल पेट्रोल जैसी योजनाओं के कई तकनीकी और आर्थिक नुकसानों से जनता भली-भांति परिचित है। इसके बावजूद, यह देखा गया है कि विपक्ष इन मुद्दों पर उतना कड़ा विरोध नहीं जताता जितना अपेक्षित है। यदि देखा जाए तो काफी समय से विपक्ष के लिए यह एक बड़ा मुद्दा साबित हो सकता था जिससे महायुति सरकार की पोल खुल सकती थी, परंतु विपक्ष ने इस पर उतना अधिक आक्रामक होकर बात ही नहीं की। कहीं इसका बड़ा कारण यही तो नहीं कि महाराष्ट्र के चीनी और इथेनॉल उद्योग में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के दिग्गज नेताओं के हित समान रूप से जुड़े हुए हैं?

यह भी पढ़ें: सिया पॉइंट कहां है? केतन अग्रवाल हत्याकांड के बाद पर्यटकों की बढ़ी तादात, गाइड से पूछा जा रह एक ही सवाल

चूंकि भाजपा, राष्ट्रवादी कांग्रेस और कांग्रेस जैसी लगभग सभी प्रमुख पार्टियों के बड़े नेताओं की अपनी निजी या सहकारी चीनी मिलें हैं, इसलिए इस उद्योग से जुड़ी नीतियों पर अक्सर एक मौन सहमति दिखाई देती है। जब विपक्ष के अपने ही नेता शुगर बैरन्स हों, तो उनके लिए उन योजनाओं का विरोध करना मुश्किल हो जाता है जो सीधे तौर पर उनकी मिलों और इथेनॉल इकाइयों को वित्तीय लाभ पहुंचाती हैं।

फिलहाल यह चर्चा ज़ोरों पर है कि यह राजनीतिक और व्यावसायिक सांठगांठ ही शायद वह वजह है जिससे जनता के बुनियादी सवाल अक्सर राजनीति के शोर में दबकर रह जाते हैं।

Maharashtra politicians sugar factories ethanol blended petrol opposition silence

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jul 01, 2026 | 05:45 PM

Topics:  

  • Maharashtra News
  • Nagpur News
  • Nitin Gadgari
  • Sharad Pawar

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.